मंगलवार को रिहा होने के बाद इन पांचों लोगों ने बताया कि क्रिमिनल इंवेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (क्राइम ब्रांच) ने जब उन्हें आरोपी बनाया, उससे पहले वे एक-दूसरे को जानते तक नहीं थे। 

जेल से रिहा होने के बाद अली भट्ट सबसे पहले अपने घर श्रीनगर पहुंचे, जहां उन्हें अपने माता-पिता की मौत का पता चला। इसके बाद वह उनकी कब्र पर गए और फूट-फूटकर रोने लगे।

अली भट्ट का यह वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। कारपेट का कारोबार करने वाले भट्ट ने अपने जीवन के करीब ढाई दशक जेल में बिताए। इस दौरान उन्होंने अपने माता-पिता व अपने जीवन के अहम साल खो दिए।

VIDEO: बेगुनाह होकर जेल में बीते  23 साल, मां-बाप की कब्र पर पहुंचा तो हुआ बुरा हाल 

राजस्थान हाई कोर्ट ने लतीफ अहमद बाजा (42), अली भट्ट (48), मिर्जा निसार (39), अब्दुल गोनी (57) और रईस बेग (56) को 1996 के समलेती ब्लास्ट केस में बाइज्जत बरी कर दिया।


ये सभी मंगलवार को जेल से रिहा हुए है।