यहां के निवासियों का कहना है कि उनके घर से सेकेंड्री स्कूल 6 किलोमीटर की दूरी पर हैं जिस वजह से वह अपने बच्चों को इतनी दूर पड़ने नहीं भेज पाते हैं। अर्पिता के पिता कहते हैं कि अपनी बच्ची को इतनी दूर भेजने के लिए सोचना पड़ता है। करीब-करीब मदरसे के 900 बच्चों में 60 प्रतिशत बच्चे हिंदू हैं। 

अबू कहर कमरुद्दीन का मज़ीद कहना है कि हिंदू छात्रों को मदरसे में पढ़ाना सद्भाव का प्रतीक है।पिछली साल से इस साल हिंदू छात्र-छात्रों के मदरसों में जाने की संख्या में 4 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।

पश्चिम बंगाल आई मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष अबू ताहिर कमरुद्दीन का कहना है कि राज्य सरकार सालाना मदरसा शिक्षा पर 250 करोड़ रुपये खर्च करती है। 

पश्चिम बंगाल: मदरसे में 60 फीसदी हिन्दू बच्चे, तीन लड़कियों को आए 90 फ़ीसदी से ज्यादा अंक

पश्चिम बंगाल के पूर्वी बर्धमान के मुस्लिम बाहुल इलाके के अगोरदंगा मदरसा केतुग्राम में 60 प्रतिशत से अधिक बच्चे हिन्दू हैं। 900 छात्रों में से लगभग 60 प्रतिशत हिंदू सद्भावना की मिसाल हैं।


यही नहीं तीन हिंदू लड़कियों ने वेस्ट बंगाल माध्यमिक बोर्ड में 90 प्रतिशत से ज्यादा अंक प्राप्त किए हैं। 

 केतुग्राम बीरभूम में अजय नदी किनारे स्थित है।यहां 46.77 प्रतिशत मुस्लिम आबादी रहती है।


2011 की जनगणा के मुताबकि बंगाल की साक्षरता दर 76.26 है और दूर दराज के इस गांव की साक्षरता दर 68 प्रतिशत है। 

टेलीग्राफ में छपी खबर के अनुसार पियूपिया शाहा, साथी मोदक और अर्पिता साहा ने 800 अंकों में से 730 (91.25 प्रतिशत),730 और 739 (92.38 प्रतिशत) हासिल किए।


ये लड़कियां अगोरदंगा मदरसा केतुग्राम में पढ़ती हैं जहां मुस्लिमों की आबादी ज्यादा है।