स्थानीय लोगों का कहना है कि 52 बीघे तालाब में बने इस स्थानीय गौशाला में पिछले दो-तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश की वजह से तालाब पानी से भर गया जिससे भूख और पानी में फंस कर गुरूवार सुबह तक करीब 50-60 गायों की मौत हो चुकी है।

प्रयागराज जिले के बहादुरपुर विकास खंड स्थित कांदी गांव में बुधवार रात कथित तौर पर आकाशीय बिजली गिरने से 35 गायों की मृत्यु हो गई। 

प्रशासन के आला अधिकारी गायों की मौत की वजह बिजली गिरना बता रहे हैं, जबकि स्थानीय लोगों का कहना है कि कल रात कोई आकाशीय बिजली गिरी ही नहीं।

उन्होंने बताया कि जब से यहां गौशाला खुली है, तब से हर दूसरे तीसरे दिन एक-दो गायें मर रही हैं। अभी तक उन्हें जेसीबी से गड्ढा खोदकर गाड़ दिया जाता था,


लेकिन तीन दिनों से लगातार पानी बरसने से तालाब में पानी भर गया और जेसीबी मशीन यहां पहुंच नहीं सकी जिससे इन गायों की लाशें पानी में तैरने लगीं।

बहरिया गांव में एक जूनियर हाईस्कूल के शिक्षक ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया कि मेरा घर गौशाला के ठीक सामने है।


अगर बिजली गिरती तो हमें नहीं पता चलता? वास्तव में कहानी कुछ और है।

गौशाला में एक दिन में 35 गायों की मृत्यु हो चुकी है, इलाहाबादी गौरक्षक पता नहीं कहॉं गुम हैं

इस गौशाला में कोई टिन शेड भी नहीं है और पिछले कई दिनों से ज्यादातर गायें खुले आसमान में बारिश में भीग रही थीं।

उन्होंने कहा कि अगर तालाब की जमीन खुदवाएं तो सैकड़ों गायों के कंकाल आपको देखने को मिलेंगे। तीन दिन की बारिश ने इस मामले को उजागर कर दिया। 


उल्लेखनीय है कि इस गौशाला को सरकारी सहायता से चलाया जाता है और प्रति गाय चारे के लिए शासन 30 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से राशि देता है