मुहम्मद इबन मौसी अलखोरीज़मी: उन्हें बाबाए अलजबरा और अलगोरीतम के नाम से जाना जाता है जिसको दीगर ने आगे बढ़ाया।लफ़्ज़ अलगोरीतम उनके नाम से मशाबहा है ।


उनकी किताब( अज़ब अलजबर वालमक़ाबला)का इस्तिमाल सोलहवीं सदी तक भी यूरोपियन यूनीवर्सिटीयों के आला निसाब में किया गया था।


उन्होंने सिफ़र का नज़रिया ईजाद किया जिसने रियाज़ी में एक बड़ा इन्क़िलाब बरपा कर दिया।

अल जजरी: अपने समय के महान वैज्ञानिक थे ,इंजीनियरिंग के क्षेत्र में इन्होने अपार सेवाएँ प्रदान की ,इस महान वैज्ञानिक ने अपने समय में इंजीनियरिंग के क्षेत्र में इन्कलाब बरपा कर दिया था।


इनका सबसे बड़ा कारनामा ऑटोमोबाइल इंजन की गति का मूल स्पष्ट करना था और आज उन्हीं के सिद्धांत पर रेल के इंजन और अन्य मोबाइलों का आविष्कार संभव हो सका

गणित (MATHEMATICS) का इतिहास उठा कर देखो तो पता चलता है कि हम गणितज्ञ (MATHEMATICIAN) थे।  

जाबिर बिन हियान जिन्हें इतिहास का पहला रसायनशास्त्री कहा जाता है उसे पश्चिमी देश में गेबर (geber) के नाम से जाना जाता है।

इन्हें रसायन विज्ञान का संस्थापक माना जाता है,जाबिर बिन हियान ने ही एसिड की खोज की इन्होने एक ऐसा एसिड भी बनाया जिससे सोने को भी पिघलाना मुमकिन था।  

पूरी दुनिया मानती है इन पाँच मुस्लिम वैज्ञानिकों का लोहा, क़ुरआन और हदीस से सीखा ज्ञान

उम्र क़ियाम: फ़ारस रियाज़ी के माहिर सितारों की चाल पढ़ने वाले और शायर थे। क्यूबिक मुसावात के मुताल्लिक़ हाल में नुमायां काम किया।


पाँच सौ साल पहले पोप गरीजोरी XIIIके तजवीज़ करदा कैलिंडर से कहीं ज़्यादा दरुस्त उनका कैलिंडर था।

अबूबकर मुहम्मद इबन ज़करिया अलराज़ी: उन्होंने अदवायात में अल्कोहल के इस्तिमाल की राह हमवार की माहिर सर्जन और अनसथसया देने वाला पहले शख़्स।


अलराज़ी पहले थरपसट भी हैं जिन्होंने जानवरों पर इस का इस्तिमाल करते हुए मनफ़ी और मुज़िर असरात का जायज़ा लिया था।

अगर माडर्न साईंस की बड़ी कामयाबीयों का ज़िक्र किया जाये तो इस फ़हरिस्त में यक़ीनी तौर पर मुस्लिम वैज्ञानिकों का भी नाम शामिल होगा।


विज्ञान का कोई क्षेत्र ऐसा नही जिसमे मुसलमानों ने अपनी खिदमतों को अंजाम न दिया हो अगर रसायन (Chemistry) का इतिहास उठा कर देखो तो पता चलता है कि हम रसायन शास्त्री (Chemist) थे।