सपा-बसपा  गठबंधन की सफलता का सबसे ज्यादा नुकसान बीजेपी को ही होगा जिसका वोट शेयर 43.3 फीसदी से गिरकर 36 फीसदी पर आ जाएगा और उसे मिली 73 सीटें घटकर 18 रह जाएंगी।  
साफ है कि 2014 में मोदी को सत्ता तक पहुंचाना वाला यूपी इस बार उनके व पार्टी के लिए बुरी खबर ला सकता है।  

सपा-बसपा गठबंधन का कांग्रेस पर असर 

सर्वे में एक और महत्वपूर्ण बात सामने आती है. सपा-बसपा और आरएलडी के गठबंधन का कांग्रेस को कोई खास नुकसान नहीं होने जा रहा है।  

उसका वोट शेयर 7.5 से बढ़कर 12 फीसदी होने की उम्मीद है जिससे 2014 के दो सीटों के मुकाबले वो 2019 में 4 सीटें जीत सकती है। 

आजतक सर्वे के नतीजे हैरान करने वाले हैं।  यदि लोकसभा चुनाव में बीएसपी-एसपी और आरएलडी गठबंधन साथ मैदान में उतरा तो चुनाव नतीजे 2014 के नतीजों के बिल्कुल उलट हो जाएंगे।  

2014 में बीजेपी ने यूपी की 80 में से 71 सीटें जीती थीं जबकि दो सीटें उसकी सहयोगी अपनी दल को मिली थीं।  

सपा को महज पांच तो कांग्रेस को दो सीटें मिली थीं।  

आज तक के सर्वे के अनुसार,यदि यूपी में सपा-बसपा और रालोद का गठबंधन बना रहता है तो फिर भाजपा और अपना दल को बड़ी हार का सामना करना पड़ेगा। 


आजतक  के अनुसार,तीनो पार्टियाँ मिलकर 46 प्रतिशत मत हासिल करके 58 सीटो पर जीत दर्ज कर सकती है। 

कांग्रेस को सिर्फ चार सीट मिलने की संभावना व्यक्त की गयी है,वही भाजपा को 18 सीट पर जीत दर्ज कर सकती है।  

आजतक सर्वे में SP-BSP गठबंधन के बाद उत्तर प्रदेश में भाजपा को भारी नुकसान 

अगर कांग्रेस-SP-BSP का गठबंधन बनाहोता फिर क्या होता 

आजतक न्यूज़ चैनल के सर्वे के अनुसार,सपा-बसपा और कांग्रेस का गठबंधन होता तो भाजपा को शर्मनाक हार का सामना करना पड़ सकता था।  

आजतक सर्वे के अनुसार,यदि पूरा विपक्ष एक हो जाता  फिर भाजपा सिर्फ पाच सीटो पर जीत मिल सकती थी  वही सपा-बसपा और कांग्रेस को मिलाकर 75 लोकसभा सीटो पर जीत मिल सकती थी।