पाकिस्तान के खिलाफ वर्ष 1965 की जंग में दुश्मन के छक्के छुड़ाने वाले जांबाज वीर अब्दुल हमीद की पत्नी रसूलन बीवी का आज निधन हो गया।


रसूलन बीवी की उम्र इस समय करीब 95 वर्ष की थी।

वीर अब्दुल ने 1965 के भारत-पाक जंग में पाकिस्तान के 7 पैटर्न टैंक को तबाह कर दिया था। उन्होंने देश की खातिर अपनी जान कुर्बान कर दी थी। देश के इस नायक को ही केवल वीर का खिताब दिया गया है।

गाजीपुर के दुल्लहपुर क्षेत्र के धामूपुर गांव में शुक्रवार की दोपहर अपने दुल्लहपुर स्थित आवास पर रसूलन बीवी ने अंतिम सांस ली। वह कुछ दिनों से बीमार चल रही थीं।

दुआ मग़फ़िरत-वीर अब्दुल हमीद की पत्नी रसूलन बीबी का गाजीपुर में इंतेक़ाल

आर्मी चीफ जनरल विपिन रावत ने भी गाजीपुर में उनके गांव जाकर अब्दुल हमीद को श्रद्धांजलि दी थी।


10 सितम्बर 1965 को जब पाकिस्तान सेना अमृतसर को घेरकर उसको अपने नियंत्रण में लेने को तैयार थी, अब्दुल हमीद ने पाक सेना को अपने अभेद्य पैटर्न टैंकों के साथ आगे बढ़ते देखा।


प्राणों की चिंता न करते हुए अब्दुल हमीद ने अपनी तोप युक्त जीप को टीले के समीप खड़ा किया और गोले बरसाते हुए शत्रु के कई टैंक ध्वस्त कर डाले।

खेमकरण सीमा पर जब पाकिस्तान की सेना भारत की तरफ 300 अमरीकन निर्मित पैटर्न टैंक लेकर अमृतसर पर कब्जा करने के लिए आ रहे थे।


तब इस हवालदार ने उनको निशाना बनाया और सात टैंक तबाह कर दिए थे। फिर बाकी टैंक वहां से वापस चले गए थे। इस दौरान वीर अब्दुल हमीद वीरगति को प्राप्त हो गए थे।