कौशल श्रॉफ ने लिखा है कि विवेक डोवाल यहीं पर ‘हेज फंड’ का कारोबार करते हैं।  
बीजेपी नेता और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के बेटे शौर्य और विवेक का बिजनेस एक दूसरे से जुड़ा हुआ है।  

रिपोर्ट में कुछ जटिल बातें भी हैं जिन्हें समझने के लिए बिजनेस अकाउंट को देखने की तकनीकि समझ होनी चाहिए।  

2011 में अजित डोभाल ने एक रिपोर्ट लिखी थी कि टैक्स चोरी के अड्डों पर कार्रवाई करनी चाहिए, अब उनके ही बेटे की कंपनी का नाम हेज फंड और ऐसी जगहों पर कंपनी बनाकर कारोबार करने के मामले में सामने आता है। 

इनकी कंपनी का नाता सऊदी अरब के शाही ख़ानदान की कंपनी से भी है।  
भारत की ग़रीब जनता को हिंदू-मुस्लिम परोस कर सऊदी मुसलमानों की मदद से धंधा हो रहा है  

इकारवां पत्रिका के अनुसार ये कंपनियां हेज फंड और ऑफशोर के दायरे में आती हैं। 
 
यह कंपनी 13 दिन बाद 21 नवंबर 2016 को टैक्स केमैन आइलैंड में विवेक डोभाल अपनी कंपनी का पंजीकरण कराते हैं।

कारवां के एडिटर विनोद होज़े ने ट्वीट किया है कि नोटबंदी के बाद विदेशी निवेश के तौर पर सबसे अधिक पैसा भारत में केमैन आइलैंड से आया था।  
 2017 में केमैन आइलैंड से आने वाले निवेश में 2,226 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी।  

कारवां पत्रिका खुलासा: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के बेटे की कंपनी टैक्स हेवन में

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के बेटे विवेक डोवाल भारत के नागरिक नहीं हैं. वे इंग्लैंड के नागरिक हैं. सिंगापुर में रहते हैं।  
GNY ASIA Fund का निदेशक है,केमैन आइलैंड, टैक्स चोरों के गिरोह का अड्डा माना जाता है। 

डी-कंपनी नाम से अब तक दाऊद का गैंग ही होता था। भारत में एक और डी कंपनी आ गई है।  

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और उनके बेटे विवेक और शौर्य के कारनामों को उजागर करने वाली कारवां पत्रिका की रिपोर्ट में यही शीर्षक दिया गया है। 


कौशल श्रॉफ नाम के एक खोजी पत्रकार ने अमरीका, इंग्लैंड, सिंगापुर और केमैन आइलैंड से दस्तावेज़ जुटा कर डोभाल के बेटों की कंपनी का खुलासा किया है।