जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में सोमवार सुबह आतंकवादियों के साथ हुई एक मुठभेड़ में भारतीय सेना के जवान आरिफ खान पठान शहीद हो गए। 


24 वर्षीय आरिफ खान 3 साल पहले ही भारतीय सेना में शामिल हुआ था और वो गुजरात के वड़ोदरा का निवासी थे।  

बुधवार को उसकी पार्थिव देह वडोदरा पहुंची तो सबकी आंखे नम लेकिन सीना गर्व से चौड़ा था, भारत माता की जय, जय हिंद के नारे, हिंद की सेना के जयकारे के बीच उसका भव्‍य स्‍वागत हुआ। सेना व पुलिस ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया।


शहर के कलेक्‍टर, पुलिस अधीक्षक, सांसद रंजन भट्ट, क्रिकेटर युसुफ पटान आद‍ी ने शहीद की अंतिम यात्रा में पहुंचकर उसे विदाई दी।

पूर्व भारतीय क्रिकेटर और धाकड़ बल्लेबाज युसूफ पठान ने भी शहीद आरिफ खान पठान को श्रद्धांजलि दी है।  

जम्मू-कश्मीर में आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद हुआ गुजरात के आरिफ पठान

मूलतः उत्तर प्रदेश के कासगंज के बरेगन गांव निवासी आरीफ के पिता सफी आलम के मुताबिक, वे रेलवे में खलासी की नौकरी करते थे। निम्न मध्यम वर्ग के सफी आलम की किसी से पहचान नहीं थी।


परन्तु आज उनसे मिलने के लिए कलेक्टर, कमिश्नर, सांसद, सेना के बड़े-बड़े जवन अफसरों सहित स्थानीय विविध पार्टियों के लोगों का जमावड़ा है। 

इसमें आरिफ घायल हो गए थे। जिसके तुरंत बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।  

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