आसफ अली ने रेलवेज और ट्रांसपोर्ट की कमान संभालते हुए कई नीतिया बनाई। इसके बाद अली को ओड़िसा का गवर्नर नियुक्त किया गया। 

शहीद भगत सिंह और बट्टूकेश्वर दत्त जिन्‍हे 8 अप्रैल 1929 को असेंबली में बम फोड़ने के आरोप में गिरफ्तार किया गया उनके बचाव पक्ष के वकील आसिफ अली ही थे।

आसफ अली : वो मुस्लिम वकील जिन्‍होंने लड़ा था भगत सिंह का मुकदमा

आसिफ अली ने 1935 को मुस्लिम नेशनलिस्ट पार्टी की ओर से डेल्ही के सेंट्रल लेजिस्लेटिव असेंबली के लिए मनोनीत हुए।


सन 1945 में अली साहब को कोंग्रेस पार्टी द्वारा स्थापित आईएनए डिफेंस टीम का कन्वेनर बना दिया गया जिनका काम उन अफसरों का बचाव होता था जिन्हे फसाया जाता था। 

स्वतंत्रता सेनानी और वकील आसफ अली की जिनका जन्म 11 मई 1888 को हुआ था। आसफ अली एक काबिल वकील और स्वतंत्रता सेनानी थे।


अली साहब पहले भारतीय थे जो अमेरिका में जाकर भारत के पहले राजदूत नियुक्त हुए। 

भगत सिंह की मदद करने वाले आसफ अली एक मुस्लिम परिवार से आते थे और उन्होंने भगत सिंह का मुकदमा भी लड़ा था।

मई 1952 को स्वस्थ समस्याओ के चलते उनको यह पद त्यागना पडा उनका आखरी कार्य भार स्विट्जरलैंड, ऑस्ट्रिया और वैटिकन में भारत के मंत्री के रूप में हुआ।

देश का बच्‍चा-बच्‍चा भगत सिंह के नाम और आजाद हिन्‍दुस्‍तान में उनके दिये गये उनके बलिदान से वाकिफ़ है।

पर क्‍या आप को मालूम है कि भगत सिंह के पीछे भी एक चेहरा था जो उनकी आजादी की लड़ाई में हर कदम पर उनका सपोर्ट करता था।