गुलाम हुसैन ने कहा कि माता अतर बीबी केवल अरबी पढ़ना जानती हैं। अन्य भाषाओं का उन्हें इलम नहीं है। वह अपनी रोजमर्रा के समय में अधिक समय कुरान शरीफ पढ़ने में ही गुजारती हैंं।

गुलाम हुसैन ने बताया कि पांच जुलाई को यहां से दिल्ली के लिए रवाना होंगे। इस हज यात्रा पर माता अतर बीबी, वह खुद, उनकी बहन हुसैन बीबी व जीजा जाएंगे।


छह जुलाई को दिल्ली से मक्का-मदीना (सऊदी अरब) के लिए फ्लाइट रवाना होगी। करीब 45 दिन की इस हज यात्रा के दौरान खुदा की इबादत करेंगे।

पंजाब राज्य हज कमेटी के चेयरमैन रशीद खिलजी ने बताया कि इससे पहले 101 वर्ष तक की आयु के व्यक्ति हज यात्रा पर पंजाब से नहीं गए हैं।


अतर बीबी इस आयु वर्ग की पहली हाजी बनेंगी। मेडिकली वह फिट हैं। मालेरकोटला में ट्रेनिंग कैंप के दौरान हज यात्रा संबंधी ट्रेनिंग भी दी गई है।

अतर बीबी के पुत्र गुलाम हुसैन ने बताया कि वह अपने पिता को हज यात्रा नहीं करवा पाया, जिसका उसे मलाल है। अपनी मां अतर बीबी का यह सपना वह अवश्य पूरा करना चाहता था, जिसके लिए वह पिछले कई वर्षों से पाई-पाई जोडऩे में जुट गया था।

2019 में हज यात्रा पर जाने वाले यात्रियों में अतर बीबी (101) पहली दीर्घायु महिला हाजी होंगी जो इस बार पंजाब से रवाना होंगी।


जिला गुरदासपुर के गांव भाखरी हरनी की निवासी अतर बीबी को 101 वर्ष की आयु में हज का मौका मिला है। 

संगरूर की 101 वर्षीय अतर बीबी करेंगी हज यात्रा, बनेंगी अधिक आयु की महिला हाजी

जम्मू-कश्मीर के गांव कठुआ में एक जनवरी 1918 को अतर बीबी का जन्म पिता तीलमदीन के घर माता जीबो की कोख से हुआ। पिता तीलमदीन पशुपालक थे।