आयशा का परिवार मुस्तफाबाद के 90 गज के एक घर में रहता है।  इस घर में आयशा के ताऊ और चाचा का परिवार भी रहता है. इस तरह एक परिवार के हिस्से सिर्फ तीस गज आते हैं।  

दिल्ली के मुस्तफाबाद में रहने वाली आयशा हिमादास से कम नहीं है। 


सर्वोदय कन्या विद्यालय में पढ़ने वाली आयशा ने एशियन कॉन्टीनेंटल रोप स्किपिंग चैंपियनशिप में 22 जुलाई को दो गोल्ड और एक सिल्वर जीता है।

आयशा के परिवार में उनकी मां रिहाना के अलावा वो चार बहनें और एक भाई है।  उनकी एक बहन की शादी हो चुकी है और वो भाई बहनों में चौथे नंबर की हैं। 


आयशा ने कहा कि वो अपने देश के लिए कुछ करना चाहती हैं और साथ ही बहुत बनकर अपने परिवार को सम्मानपूर्ण जिंदगी देना चाहती हूं।  

आयशा का कहना है कि उसके पिता शमीम अहमद उसे रोप स्क‍िपिंग का इंटरनेशनल प्लेयर बनाना चाहते हैं। 


इसलिए सबसे पहले वो अपने पापा का सपना पूरा करेंगी। इसके बाद उन्हें अपने कोच की तरह खिलाड़ी बनना है। 

वो कहती हैं कि और मेरा सपना है कि मैं अपने पैसों से अपनी छोटी बहनों को डॉक्टर बनाऊं।  इसलिए मैं खेल के साथ-साथ पढ़ाई पर भी पूरा ध्यान देती हूं।  

हिमादास से कम नहीं दर्जी की बेटी आयशा, बैंकॉक में जीते 2 गोल्ड 1 सिल्वर