​इसमें पहले से मौजूद बीमारियां भी कवर होंगी। ये स्कीम कैशलेस होगी और इसमे परिवार के सदस्यों और उम्र का बंधन नहीं होगा।


योजना में रजिस्टर्ड किसी भी प्राइवेट या सरकारी अस्पताल में इलाज हो सकेगा।


पिछले 10 साल में मेडिकल का खर्च 300 फीसदी बढ़ गया है। देश में मेडिकल का 80 फीसदी खर्च लोग अपनी जेब से उठाते हैं। इस खर्च का बोझ आम आदमी पर न पड़े इसलिए मोदी सरकार ने आयुष्मान भारत योजना बनाई है।

​नौकरियों के अवसर

केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत योजना के द्वारा अगले पांच साल में 2 लाख नौकरियों का सृजन हो सकता है।  
स्वास्थ्य मंत्रालय के एक आकलन में यह जानकारी सामने आई है। आयुष्मान भारत के सीईओ के अनुसार इसके तहत एक लाख 'आयुष्मान मित्र' की भर्ती की जाएगी।


यह नौकरियां अस्पतालों, बीमा कंपनियों, कॉल सेंटर, रिसर्च सेंटर आदि जगहों पर तैयार होंगी। 
आयुष्मान मित्र की नियुक्तियों से सरकार के लिए योजना की सहजता से निगरानी, मूल्यांकन और उसे लागू करना आसान होगा।  


​देश की हर बड़ी पंचायत में, लगभग डेढ़ लाख जगहों पर सब सेंटर और प्राइमरी हेल्थ सेंटर्स को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा।


जिससे कि पूरे देश में व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। इन केंद्रों में आयुर्वेदिक, यूनानी, सिद्ध और योग पद्धति से भी इलाज की व्यवस्था होगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लॉन्च की आयुष्मान भारत योजना, मिलेगा 5 लाख का स्वास्थ्य बीमा।


​प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत योजना (Ayushman Bharat Yojna) लॉन्च कर दी है। भीमराव अंबेडकर के जन्मदिन के मौके पर नरेंद्र मोदी ने ये योजना छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में लॉन्च की थी।  ​

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​वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस साल पेश किए गए बजट में इस योजना घोषणा की थी। योजना का खर्च केंद्र और राज्य मिलकर उठाएंगे। आयुष्मान भारत योजना के तहत प्रत्येक परिवार को प्रतिवर्ष इलाज के लिए 5 लाख रुपए तक का बीमा कवर मिलेगा।

आयुष्मान भारत योजना: 5 लाख सालाना का मेडिकल कवरेज, जानें कैसे मिलेगा फायदा

​इस योजना के तहत देश के करीब 50 करोड़ लोगों को 5 लाख रुपए का हेल्थ इंश्योरेंस (Health Insurance) मिलेगा। यह योजना राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना और सीनियर सिटीजन इंश्योरेंस स्कीम का स्थान लेगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अनुसार देश में 1.5 लाख गांव में हेल्थ और वेलनेस सेंटर खुलेंगे। यहां सिर्फ बीमारी का इलाज ही नही होगा बल्कि यहां पर हेल्थ चेकअप की सुविधा भी मिलेगी।

​आयुष्मान भारत योजना देशभर में 25 सितंबर से शुरू की जाएगी।

​निगरानी के लिए भी होगा सशक्त सिस्टम


​1 . यह सुनिश्चित करने के लिए कि योजना का फायदा लाभार्थियों तक पहुंच सके, और उसकी पर्याप्त निगरानी हो सके, एक कॉम्प्रिहेंसिव मीडिया व आउटरीच स्ट्रेटजी विकसित की जाएगी।

2. इसमें प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, सोशल मीडिया, पारंपरिक मीडिया, के साथ-साथ आउटडोर एक्टिविटीज वगैरह को भी शामिल किया जाएगा।

3. योजना के क्रियान्वयन का जिम्मा राष्ट्रीय स्तर की एजेंसी Ayushman Bharat National Health Protection Mission Agency (AB-NHPMA) को दिया गया है।

4. योजना के तहत होने वाले कुल खर्च का 60 फीसदी केंद्र सरकार वहन करेगी और 40 फीसदी राज्य सरकारें वहन करेंगी। शुरुआती दो साल में 10,500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।


​50 करोड़ से ज्यादा लोग होंगे लाभान्वित


​1. आयुष्मान भारत-राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना ( Ayushman Bharat National Health Protection Mission (ABNHPM) का लाभ देश के 11.74 करोड परिवारों को देने का लक्ष्य रखा गया है। हर परिवार में 5 सदस्यों का औसत माना जाए तो देश की 50 करोड़ से ज्यादा की आबादी इसके दायरे में आती है।


2. ​इसमें ग्रामीण क्षेत्रों के सुविधाहीन परिवारों और शहरी क्षेत्रों के भी कुछ तय पेशों में लगे परिवार  शामिल किए जाएंगे।


​3.राज्यों में स्थित सभी सरकारी अस्पताल, राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा बीमा के पैनल में शामिल माने जाएंगे 


​4.प्राइवेट अस्पतालों को कुछ निर्धारित मानकों को पूरा करने पर इस योजना के पैनल में शामिल किया जाएगा। पैनलाइजेशन की प्रकिया भी आॅनलाइन ही होगी।