मिसाल -विकाराबाद की कलेक्टर मसर्रत खानम ने बेटी का एडमिशन सरकारी स्कूल में कराया

आयशा का कहना है कि एक ऐसा माहौल बना दिया गया है कि सरकारी स्कूल खराब होते हैं लेकिन ऐसा नहीं है।


उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों को लेकर गलत सोच बनी है इसको तोड़ने के लिए ये जरूरी है कि अधिकारी अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में भेजें।

मसर्रत खानम आएशा ने कहा कि इस स्कूल में अधिकतर गरीब लोगों के बच्चे पढ़ते हैं। यहां शिक्षा का स्तर अच्छा है और वहां बच्चे का संपूर्ण विकास हो सकता है।


इसीलिए उन्होंने महंगे निजी स्कूल के स्थान पर उन्होंने इस स्कूल का चयन किया। 

तेलंगाना माइनॉरिटी रेजीडेंशियल एजुकेशनल इंस्टीट्यूय सोसाइटी के सचिव ने आएशा के इस प्रयास की तारीफ करते हुए कहा कि कलेक्टर का यह प्रयास सराहनीय है।


इससे अल्पसंख्यकों को प्रेरणा मिलेगी साथ ही इससे अल्पसंख्यकों में लड़कियों की शिक्षा को लेकर कई बदलाव आ सकते हैं।

वह अपनी बेटी के लिए सभी सुविधाओं वाले प्राइवेट स्कूल को भी चुन सकती थीं लेकिन उन्होंने इससे परहेज करते हुये उसे सरकारी स्कूल में भेजने का कठिन रास्ता चुना।

तेलंगाना के विकाराबाद की कलेक्टर मसर्रत खानम आएशा ने विकाराबाद के सरकारी अल्पसंख्यक आवासीय स्कूल में पांचवी कक्षा में अपनी बेटी का दाखिला करवा कर मिसाल पेश की।