कांग्रेस और सपा-बसपा गठबंधन के बीच उत्तर प्रदेश में पीछे के दरवाजे से बात हुई। कांग्रेस को गठबंधन ने 9 सीटें ऑफर की हैं।


इनमें से 2 सीटें अमेठी और रायबरेली हैं। यूपी में कांग्रेस के धीमे हुए प्रचार अभियान के पीछे यह भी है।

उत्तर प्रदेश में क्या कांग्रेस महागठबंधन में शामिल हो पाएगी?

पंजाब केसरी पर छपी खबर के अनुसार, राहुल गांधी द्वारा गठबंधन मामलों के लिए बनाई एके एंटोनी कमेटी सभी राज्यों में गठबंधन की संभावना को नए सिरे से देख रही है।


झारखंड, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, बिहार में गठबंधन पर बातचीत अंतिम चरण में है। अगले दो हफ्ते में कांग्रेस सभी राज्यों में तस्वीर साफ कर देगी।

प्रियंका गांधी ने फरवरी की शुरूआत में लखनऊ का दौरा किया था। उसके बाद उन्होंने किसी प्रकार का चुनाव अभियान नही किया, बस शहीद परिवार से मिलने पश्चिमी उत्तर प्रदेश गई थीं।

प्रियंका गांधी 8 मार्च के आसपास से यूपी दौरे का दूसरा चरण शुरू कर सकती हैं। अंतिम फैसला कुछ दिनों में किए जाने की संभावना है।


प्रियंका की वजह से ही 2017 में विधानसभाचुनाव में प्रशांत किशोर के जरिए यूपी में सपा से गठबंधन किया था। अन्य राज्यों में भी कांग्रेस नए सिरे से गठबंधन की कोशिश करेगी।

यह विचार देश में लगातार बदलते हालात के बाद हुआ है। 


सपा-बसपा गठबंधन के नेताओं को लगता है कि इस हालात में एक-एक वोट कीमती है और उसे व्यर्थ नहीं किया जाना चाहिए। 

 
इसलिए कांग्रेस के लिए केवल दो सीट यानी रायबरेली और अमेठी छोड़ने वाली गठबंधन ने कांग्रेस को यह न्योता दिया है।