लगातार शिकायतें मिलने के बाद दारुल उलूम ने मौलाना साद को कई बार अपनी हरकतों से बाज आने को कहा, लेकिन उसके बावजूद मौलाना साद गलत बयानबाजी कर रहे हैं।


गलत बयानबाजी को लेकर दारुल उलूम लगातार मौलाना साद से बेहद नाराज चल रहा है।


मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी बनारसी ने बयान जारी कर कहा कि तब्लीगी जमात के आपसी विवाद से दारुल उलूम को बचाने के लिए संस्था के जिम्मेदारों ने पहले से यह तय किया हुआ है कि दारुल उलूम का हर जिम्मेदार और हर छात्र का दोनों जमातों से कोई ताल्लुक नहीं है।

उन्होंने कहा कि छात्रों को चाहिए कि वह दारुल उलूम के भीतर या बाहर जमात की गतिविधियों में शामिल होने से परहेज करें। चेतावनी दी कि अगर कोई छात्र आदेश की अनदेखी कर तब्लीगी जमात की गतिविधियों में शामिल पाया जाता है तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

इतना ही नहीं मोहतमिम ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि दोनों जमातों से दारुल उलूम के जिम्मेदारों का कोई ताल्लुक नहीं है। अगर कोई छात्र जमात की गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।


तब्लीगी जमात के अमीर मौलाना साद कांधलवी पर आरोप है कि वह बड़े बड़े इज्तमा में शामिल होकर दीन इस्लाम की गलत व्याख्या कर कौम को भटकाने का काम कर रहे हैं।

इस्लामिक शिक्षा संस्थान दारूल उलूम देवबंद में एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए तब्लीगी जमात पर रोक लगाते हुए छात्रों को उससे दूर रहने के निर्देश दिए हैं।


संस्था के चांसलर मुफ्ती अबुल कासिम नौमानी ने शुक्रवार को जारी निर्देशों में कहा है कि दिल्ली स्थित हजरत निजामुद्दीन में तब्लीगी जमात के प्रमुख मौलाना साद कांधलवी पर आरोप लगाया कि वे तब्लीगी जमात के जलसों में इस्लाम धर्म की सही व्याख्या नहीं करते हैं ।

दारुल उलूम देवबंद ने तब्लीगी जमात की सभी गतिविधियों पर लगाई पाबंदी