8. मीज़ान में दुरूद पढ़नेवाले की नेकियों का पलड़ा भरी होगा

9. अल्लाह तआला के गुस्से से मेहफ़ूज़ रहेगा

10. अल्लाह तआला की दोस्ती नसीब होगी

11. अल्लाह तआला की रेहमत बरसती रहेगी

12. अल्लाह तआला के रस्ते में जंग लड़ने से ज़्यादा सवाब मिलेगा

13. रिज़्क़ कुशादा होगा। एक मर्तबा दुरूद पढ़ना 10 गुनाह मिटाता है और उसके नाम-ए-आमाल में 10 नेकिया लिखी जाती हैं

14. हर मजलिस में ज़ैब-ओ-ज़ीनत हासिल होगी

15. मैदान-ए-हश्र में अम्न-ओ-अमन में होगा

34. उसकी ख्वाहिश हर वक़्त ये होगी के नेकी करूँ

35. हर वक़्त मुहब्बत-ए-रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) (Peace Be Upon HIM) में इज़ाफ़ा होता रहेगा

36. अल्लाह तआला की रेहमत बढाती रहेगी

37. सरकार-ए-दो आलम (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) (Peace Be Upon HIM) के दरबार में उसका नाम लिया जाएगा (ये सब से बड़ी सआदत हैं)

38. दुरूद पढ़नेवाला मरते दम तक इंशाअल्लाह ईमान पर क़ायम रहेगा

39. अल्लाह के एहसानात उस पर बढ़ते रहेंगे

40. दुरूद पढ़नेवाले में मुर्शिद-ए-कामिल की खसूसियत जनम लेती रहेंगी

1. एक दुरूद पढ़ने से 100 हाजतें पूरी होंगी

2. फ़रिश्ते पढ़नेवाले पर दुरूद पढ़ेंगे

3. अल्लाह ताला की ख़ुशनूदी हासिल होगी

4. पढ़नेवाला मरने से पहले जन्नत में अपनी जगा देख लेगा

5. पुलसिरत से बिजली की तरह सही-ओ-सलामत गुज़र जायेगा

6. दोज़ख के केहर से बच जायेगा

7. हौज़-ए-कौसर से पानी पीना नसीब होगा

दरूद शरीफ क्यों कसरत से पढ़ना चाइये, जानिए दुरूद शरीफ की फ़ज़ीलत व बरकतें

जानिए दुरूद शरीफ की फ़ज़ीलत व बरकतें

16. हर दुश्मन पर फतह हासिल करेगा

17. लोगों के दिलों में उसकी मुहब्बत बढ़ जाएगी

18. हर जगह इत्तिफ़ाक़ की दौलत मुयस्सर होगी

19. दिल को बड़ा सुकून मुयस्सर आएगा

20. ख्वाब में हुज़ूर सरकार-ए-दो आलम (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) (Peace Be Upon HIM) की ज़ियारत होगी

21. दुरूद पढ़नेवाले की ग़ीबत कम होगी

22. दुन्या में फायदा हासिल करता रहेगा

23. अल्लाह की फ़रमाँबरदारी हासिल होगी

24. उसके ऐबों पर अल्लाह तआला पर्दा दाल देगा

25. वो हसरत की मौत नहीं मरेगा

दुरूद शरीफ की जितनी फ़ज़िलतें बयान की जाये कम हैं। हदीस शरीफ में दुरूद शरीफ की फ़ज़िलतें कसरत से साबित हैं।


यहाँ चुनिंदा फ़ज़ाइल बयां कर रहा हूँ। जिससे हम ये जान सके के दुरूद शरीफ क्यों पढ़ना चाहिए।

26. वो बुख़ल की बीमारी से मेहफ़ूज़ रहेगा

27. उसको बद्दुआएं कोई नुकसान नहीं पोहोंचाएंगी

28. उसके बदन से खुशबु आएगी

29. वो हर जगा नुमायां जगा पा कर इज़्ज़त हासिल करेगा और फतहयाब होगा

30. हर मुनाफ़िक़ के शर से मेहफ़ूज़ रहेगा

31. हुज़ूर (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) (Peace Be Upon HIM) की शफ़ाअत हासिल होगी

32. हुज़ूर (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) (Peace Be Upon HIM) की ख़ुशनूदी हासिल होगी

33. हुज़ूर (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) (Peace Be Upon HIM) का क़ुरब हासिल होगा