जबकि वायरल हो रही फर्जी तस्‍वीर में जितिन प्रसाद का चेहरा हटाकर वहां आत्‍मघाती आतंकी आदिल अहमद का फेस चिपका दिया गया है। यह सब फोटोशॉप की मदद से किया गया।

आतंकी आदिल अहमद की तस्‍वीरें पुलवामा हमले के बाद से सोशल मीडिया, अखबारों, वेबसाइट और चैनलों पर देखी जा सकती हैं। आदिल से जुड़ी खबर आप दैनिक जागरण में यहां पढ़ सकते हैं।

तस्‍वीर को ध्‍यान से देखने पर यह साफ पता चल रहा है कि ओरिजनल तस्‍वीर के साथ कुछ छेड़छाड़ की गई है। तस्‍वीर की सच्‍चाई जानने के लिए हमने गूगल रिवर्स इमेज सर्च किया। हमें गेटी इमेजेज का एक लिंक मिला।


इस लिंक के अनुसार, राहुल गांधी की वायरल तस्‍वीर 28 फरवरी, 2014 की है। लोकसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी यूपी के बाराबंकी स्थित सूफी संत हाजी वारिस अली शाह की दरगाह पर गए थे।

फेक न्यूज़  : राहुल गांधी की पुरानी तस्‍वीर से छेड़छाड़ कर दिखा दिया  पुलवामा आतंकी के संग

सोशल मीडिया पर एक ऐसी फर्जी तस्‍वीर वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि CRPF के जवानों पर आतंकवादी हमला करने वाला निकला राहुल गांधी का करीबी। 

फर्जी तस्‍वीर में राहुल गांधी के साथ एक ऐसे शख्‍स को खड़ा किया गया है, जिसकी शक्‍ल 14 फरवरी को कश्‍मीर में हुए आतंकी हमले के जिम्‍मेदार आतंकी से मिल रही है। विश्‍वास टीम की पड़ताल में यह तस्‍वीर पूरी फर्जी साबित हुई।

प्रकाश जांगीर हिंदुस्‍तान (@prakash.jangir.10297) नाम के यूजर ने फर्जी तस्‍वीर को फेसबुक पर अपलोड करते हुए लिखा –


 ”CRPF पर आतंकवादी हमला करने वाला निकला राहुल गांधी का करीबी इस आतंकवादी हमले में है कांग्रेस का हाथ मोदी जी कि सरकार को बदनाम करने की कोशिश ने भारतीय सेना के जवानों की जान ले ली कांग्रेस की राजनीति हिन्दुस्तान की मौत।”

असली तस्‍वीर में राहुल गांधी के साथ खड़े शख्‍स का नाम जितिन प्रसाद हैं। वे कांग्रेस के नेता हैं। गूगल में कोई भी जितिन प्रसाद सर्च करके उनके बारे में जान सकता है। गूगल में इनकी हजारों तस्‍वीरें मौजूद हैं।