फिल्मसाज फिल्म फेस्टिवल -मॉब लिंचिंग पर बनी फिल्म ‘खत’ को मिला बेस्ट फिल्म का अवॉर्ड

फिल्म के लेखक और निर्देशक केतन दीक्षित ने जानकारी देते हुए बताया है कि फिल्म बाबा नूर के किरदार के इर्द-गिर्द घूमती है।


बाबा नूर का बेटा यूसूफ मॉब लिचिंग की भेंट चढ़ जाता है। बाबा इस सदमे को बर्दाश्त नहीं कर पाते और उनकी याद्दाश्त चले जाती हैं और अपने बेटे के पत्र के इंतजार में रोज डाकखाना पहुँच जाते हैं।

न्यूज़ ट्रैक पर छपी खबर के अनुसार, एएमयू प्रति वर्ष अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल फिल्मसाज का आयोजन करता है।


इस वर्ष 24 फरवरी से 27 फरवरी तक इसका आयोजन किया गया था, इसमें देश-दुनिया से 40 फिल्मों का प्रदर्शन किया गया था।

आंकड़ों के मुताबिक, भारत में 2015 से लेकर अब तक 88 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। फिल्म में मॉब लिंचिंग का शिकार हुए लोगों के परिवारों की पीड़ा को दिखाया गया है।

‘खत’ को फिल्मसाज में इतना अधिक पसंद किया गया कि दर्शको की मांग पर उसे तीन बार प्रदर्शित किया गया। केतन दीक्षित ने कहा है कि, फिल्म को देश के अन्य फिल्म फेस्टिवल में भी पहुँचाया जाएगा।

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में आयोजित किए गए फिल्मसाज अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में मॉब लिंचिंग विषय पर बनी एक शार्ट फिल्म ‘खत’ को बेस्ट फिल्म का अवाॅर्ड दिया गया है।


फिल्म का निर्माण कैफे शीरोज हैंगआउट के मीडिया कर्मी और एमएयू के जनसंपर्क विभाग के छात्र केतन दीक्षित ने किया है।