उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के पीपलसाना गांव में दलितों के बाल नहीं काटने के आरोप में तीन मुस्लिम नाइयों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। 

 
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, यहां के स्थानीय दलित लोगों का कहना है कि उन्होंने बाल काटने से इनकार कर दिया। 

इस मामले में 45 वर्षीय महेश चंद्र ने शिकायत दर्ज कराई है।


उन्होंने बताया कि मैं जाति पर आधारित भेदभाव रोकना चाहते हूं। यह कई साल से हो रहा है, लेकिन अब मैंने आवाज उठाने का फैसला किया।

दलितों के बाल काटने से इनकार करने पर तीन मुस्लिम नाइयों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज

महेश ने बताया  ‘बैठक में नाइयों ने सहमति जताई कि वे दलितों के भी बाल काटेंगे लेकिन पुलिस की मध्यस्थता के बाद नाइयों ने तीन दिनों के लिए अपनी दुकानें बंद कर दी।’


हालांकि, पुलिस की मध्यस्थता के बाद उन्होंने अपनी दुकानें 3 दिन के लिए बंद कर दीं।

एफआईआर में जिन नाइयों के नाम दर्ज हैं, उनमें से एक ने कहा, ‘मैंने कभी किसी ग्राहक को मना नहीं किया. मेरे खिलाफ झूठे आरोप लगाए गए हैं।’

जानकारी के मुताबिक, पीपलसाना गांव में करीब 20 सैलून हैं, जो मुस्लिमों द्वारा ही संचालित किए जाते हैं।


गांव में मुस्लिम नाई दलित समुदाय से ताल्लुक रखने वाले लोगों की दाढ़ी बनाने व बाल काटने से इनकार करते हैं।

इन तीनों नाई की पहचान रियाज़ आलम, इशाक और जाहिद के रूप में हुई है। 


इन्हें आईपीसी की धारा और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया है।