मरियम मस्जिद की प्रतिक्रिया आम तौर पर सकारात्मक रही है, फिर भी मध्यम नकारात्मक प्रतिक्रियाएं हुई हैं।


कुछ लोगों ने सोचा है कि एक नियमित मस्जिद की तुलना में एक महिला रूपी मस्जिद की आवश्यकता क्यों है।

मस्जिद में आठ महिला इमाम हैं, शुक्रवार का खुतबा महिलाओं द्वारा ही कि जाती है और यहां इमाम की अगुआई लड़कियां ही करती हैं, यहां सभी स्वयंसेवकों के रूप में काम करनेवाली लड़कियां ही है।


जबकि मरियम मस्जिद में आने और इबादत करने के लिए पुरुषों का स्वागत है, केवल महिला शुक्रवार की प्रार्थनाओं और सेवाओं का नेतृत्व करेंगे।

अपने शहर कोपेनहेगन में कई मस्जिदों की खोज करते समय, खंकन ने पाया कि वह एक अजनबी की तरह महसूस कर रही थी और फैसला किया कि वह महिलाओं के लिए एक नई शुरुआत करना चाहती है,


जिसमें एक नई आवाज़ होगी, एक नई बात होगी, और उसमें उनकी अपनी शक्ति होगी, जहां वो अपने आप को अपने तरीके से बोलेंगी।

यह समावेशी मस्जिद शेरिन खंकन, मान्यता प्राप्त लेखक और कार्यकर्ता द्वारा बनाई गई है, जिन्होंने प्रार्थना के सार और इबादत की एकता की शक्ति में महिलाओं की ताकत दिखाने के लिए मस्जिद की स्थापना की गई है।

कोपेनहेगन-दुनिया की पहली ऐसी मस्जिद जिसे पूरी तरह महिलाओं द्वारा चलाया जाता है

कोपेनहेगन में दुनिया की ऐसी पषली मस्जिद स्थापित है और इसका नेतृत्व करनेवाली महिला ही है यह मस्जिद महिलाओं को ही समर्पित है।


मारियम मस्जिद हाल ही में फरवरी, 2016 की शुरुआत में खोला गया, जिसका नेतृत्व महिलाओं द्वारा पूरी तरह से किया जा रहा है।

खंकर उम्मीद करतीं हैं कि “संरचनाओं को चुनौती देना” बहस, वार्तालाप, और इस्लाम के बीच बाधाओं को कम करने के लिए एक अलग पहलू पर काफी मदद मिली, और दूसरा जिसकी ओर थोड़ा आधुनिक पहलू है, जिस पर युवा उपासक संबंधित हो सकते हैं और समझ सकते हैं।


खंकन को धर्म के भीतर सद्भाव पैदा करने के लिए अपने विश्वास के पारंपरिक और समकालीन भिन्नताओं दोनों के बीच विभाजन और बाधाओं को “शांत” करने की उम्मीद है।