उनकी लगन देख यूनिवर्सिटी के कुछ प्रोफेसर और स्टूडेंट्स भी उन्हें प्रोत्साहित करने लगे।


उनके प्रोत्साहन से रामजल के ईरादों को और मजबूती मिली और उन्होंने प्रवेश के लिए आवेदन कर दिया। परीक्षा दी और मेरिट लिस्ट में अपना नाम देख कर उन्हें बेहद खुशी मिली।

यूनिवर्सिटी का एंट्रेंस एग्जाम निकालने वाले इस गार्ड का नाम रामजल मीणा है। ये जेएनयू में 5 साल से अपनी रोजी रोटी के लिए बतौर सिक्योरिटी गार्ड काम कर रहे थे।

रामजल बताते हैं कि जेएनयू के गेट पर खड़े होकर वह अक्सर स्टूडेंट्स को पढ़ते देखा करते।


उन्हें देखकर उनके मन में जेएनयू के गेट से हटकर वहां के क्लासरूम में पहुंचने की चाहत जगी।

राजस्थान के भजेड़ा गांव के रहने वाले रामजल मीणा ने 2019-20 सत्र के लिए आयोजित होने वाली प्रवेश परीक्षा में बीए रशियन लैंग्वेज की पढ़ाई के लिए आवेदन किया था, जिसमें उन्हें सफलता मिल गई है।


उनका सपना है कि वो सिविल सर्विसेज की परीक्षा पास कर देश की सेवा करें।  

रामजल ने कई साल पहले राजस्थान यूनिवर्सिटी में बीएससी में दाखिला लिया था। लेकिन घर की जिम्मेदारियों के कारण वह पढ़ाई पूरी नहीं कर पाए। पिता के साथ मिलकर मजदूरी की और अपनी तीन बहनों की शादी की।


साल 2003 में रामजल की भी शादी हो गई। उनके तीन बच्चे हैं। जेएनयू में गार्ड की नौकरी करते हुए ही रामजल ने राजस्थान से बीए की परीक्षा पास की। अभी एमए कर रहे हैं।

रामजल ने बताया कि अब जब वह जेएनयू की प्रवेश परीक्षा पास कर चुके हैं, उन्हें वहीं गार्ड की नौकरी करते हुए क्लास करने की अनुमति मिल गई है।


तैयारी के बारे में रामजल कहते हैं कि रोजाना 8 से 10 घंटे की ड्यूटी के दौरान वह अपने साथ किताबें भी रखते थे। बीच-बीच में समय निकालकर वह पढ़ा करते थे। 

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में गार्ड की नौकरी करने वाले रामजल मीणा अब वहीं के स्टूडेंट बन गए हैं। रामजल ने जेएनयू की प्रवेश परीक्षा पास कर ली है। 


अब रामजल जेएनयू से रशियन लैंग्वेज की पढ़ाई करेंगे। लेकिन इतने से भी वह संतुष्ट नहीं हैं। उनका सपना यूपीएससी क्वालिफाई कर आईएएस बनने का है।

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में गार्ड था ,अब वहीं करेगा पढ़ाई, पास की दाखिला परीक्षा