1857 की क्रांति के दौरान अंग्रेजों के द्वारा ढाए गए जुल्म की एक भयावह तस्वीर 161 साल बाद सामने आई है।


रानी विक्टोरिया को खुश करने के लिए अंग्रेजों ने भारत माता के लाल को तोप से उड़ा दिया था।


161 साल बाद देश के एक लाल की खोपड़ी इंग्लैंड में मिली है। 

मोहम्मद शमी ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की सीरीज के पहले वनडे में 6 ओवरों में 2 मेडन के साथ 19 रन देकर 3 विकेट निकाले।  

 29 साल के शमी ने न्यूजीलैंड की धरती पर कीवियों के खिलाफ वनडे में अपने 14 विकेट पूरे कर अनिल कुंबले और जहीर खान की भी बराबरी कर ली है।

हवलदार आलम बेग-अंग्रेजों ने तोप से उड़ा दिया था धड़, खोपड़ी इंग्लैंड में मिली है।

यह वही देशभक्त है जिसको 1857 की क्रांति के समय रानी विक्टोरिया के सामने तोप से उड़ाया था। इस देशभक्त का नाम है आलम बेग। 


हवलदार आलम बेग क्रांति के दौरान 46 रेजीमेंट बंगाल नॉर्थ इंफ्रेंट्री बटालियन का नेतृत्व कर रहे थे।


इंग्लैंड के वैज्ञानिक वेंगर ने खुलासा किया है कि आलम बेग उत्तर प्रदेश के कानपुर निवासी थे। खोपड़ी मिलने के बाद इतिहासकारों ने सवाल उठाए तो इसकी तफ्तीश हुई।

आपको बता दें कि 282 सैनिकों की टुकड़ी में अंग्रेजों से लोहा लेते हुए हवलदार आलम बेग ही बचे थे। अंग्रेजों ने उन्हें जम्मू में रावी नदी के पास पकड़ लिया गया।


इसी दौरान ब्रिटिश कमिश्नर हेनरी कूपर को पता चला कि रानी विक्टोरिया आ रही हैं। तो उसने रानी को आलम बेग का सिर भेंट करने की योजना बनाई। 


सियालकोट में आलम बेग को रानी के सामने आलम बेग को तोप से उड़ा दिया गया। उनके सिर को ग्रिसली ट्रॉफी नाम दिया गया, यह सिर 1858 में इंग्लैंड ले जाया गया।

वैज्ञानिक वेंगर और उनके साथियों ने पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ के एंथ्रोपोलॉजी विभाग के प्रो. जेएस सहरावत से संपर्क किया। उन्होंने उनके साथ रिसर्च के सभी तथ्य साझा किए।


प्रो. सहरावत ने उनसे खोपड़ी देश भेजने के लिए चिट्ठी लिखी है। उन्हें इस बारे में आश्वासन भी मिला है।


1857 की क्रांति में मारे गए 282 सैनिकों की अमृतसर के अजनाला में मिली हड्डियों और अवशेषों पर प्रो. सहरावत शोध कर रहे हैं। इन्हीं सैनिकों का आलम बेग नेतृत्व कर रहे थे।