मोहब्बत ज़िंदाबाद -मुरादाबाद में मुंहबोली मुस्लिम बहन को हिंदू भाई ने दिया भात

देर रात ढाई हजार रुपये और सभी को कपड़े देकर भात की रस्म अदा की। हर आंख से भाई-बहन का प्यार देखकर आंसू बह निकले। पाकबड़ा क्षेत्र में भाई बहन की इस रस्म की चर्चा हुई।  

अफसाना पत्नी महबूब इलाही के बेटे विक्की को समाथल गांव के रहने वाले मास्टर जितेंद्र कुमार पढ़ाने आते थे।


इसे भाग्य का लिखा ही कहा जाएगा कि अफसाना का कोई भाई नहीं है और मास्टर जितेंद्र शर्मा की कोई बहन नहीं है।

मास्टर जितेंद्र कुमार ने अफसाना को बहन बोल दिया और पिछले 24 साल से राखी बंधवाते आ रहे हैं।


अफसाना की बेटी इरम नाज की शादी है। शुक्रवार को में भात देने के लिए मास्टर जितेंद्र कुमार गांव के 25 लोगों के साथ मुंहबोली बहन के घर पहुंचे तो रहमतनगर के लोगों ने भात देने वालों का स्वागत किया। 

मुरादाबाद । इंसानियत से बड़ा कोई धर्म नहीं है। धर्म-जाति का भेदभाव भूल जाएं तो कोई विवाद ही न हो।


धर्म के नाम पर फसाद खड़ा करने वालों पर अफसाना और जितेंद्र के बहन-भाई का रिश्ता किसी तमाचे से कम नहीं है।