ब्राह्मण दंपती ने कन्यादान की रस्म पूरी की तो अन्य लोग बरात की खातिरदारी में जुट गए। यह किसी बेटी की शादी में सहयोगभर नहीं था।


एक तरफ यह महजबी खाई खोदने वालों के लिए सबक था तो दूसरी तरफ इंसानियत का कबूलनामा भी। गुलफसा खुशी-खुशी ससुराल रुख्सत हुई तो सबकी आंखें छलक पड़ीं। 

साभार 'दैनिक जागरण'

उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में गंगा-जमनी तहजीब और इंसानियत की मिसाल देखने को मिली है।


जिले के अब्दुलपुर गांव में हिंदुओं ने गरीब मुस्लिम लड़की का निकाह संपन्न कराया। इतना ही नही एक ब्राह्मण दंपति ने युवती का कन्यादान भी किया।


नेता और राजनितिक दल नफरत के बीज बोने में लगे रहते मगर इंसानियत एक मिसाल कायम की है बागपत के हिंदुओं ने जिन्होंने कराया ग़रीब  गुलफसा का निकाह, ब्राह्मण दंपती ने किया कन्यादान। 

नफरत की फसल उगाने के मंसूबे बांधने वाले चाहे जितनी कोशिश कर लें लेकिन इंसानियत के गुलशन से तो मोहब्बत की खुश्बू ही आती है।


पिता 28 साल से लापता हैं और घर की माली हालत खराब। ऐसे में बेटी की शादी करना बड़ा सवाल था लेकिन गांव का पूरा हिंदू समाज साथ खड़ा हुआ तो देखते-देखते लाखों की रकम एकत्र हो गई।

ऐसा हे हिंदुस्तान-हिंदुओं ने कराया मुस्लिम लड़की का निकाह, ब्राह्मण दंपती ने किया कन्यादान 

गाजियाबाद की पूजा कालोनी निवासी अय्यूब रविवार को बरात लेकर गांव पहुंचा तो पूरा गांव आवभगत में जुट गया।


पं. गंगेश्वर शर्मा ने हिंदू समाज के माध्यम से लाखों रुपये की रकम जुटाई। गंगेश्वर शर्मा और उनकी पत्नी कांता देवी ने गुलफसा का कन्यादान किया।


गुलफसा के भाई शाकिर के अनुसार, 150 लोगों को भोजन कराया गया।


हसनपुर मसूरी की मस्जिद के मौलवी कारी मोहम्मद ने निकाह पढ़वाया। नव विवाहित युगल को बेड, सोफा, फ्रिज, वाङ्क्षशग मशीन, कूलर आदि गृहस्थ का सामान दिया।