पैन यानी परमानेंट अकाउंट नंबर 10 कैरेक्टर का अल्फान्यूमेरिक नंबर होता है। इससे इनकम टैक्स देने वालों की जानकारी टैक्स डिपार्टमेंट को मिलती है।


पैन कार्ड से सरकार को नागरिकों का वित्तीय लेखा-जोखा का पता चलता है। इसके जरिए किसी बड़ी वित्तीय गतिविधियों की जानकारी मिलती है। बड़े वित्तीय लेन-दें और इनकम टैक्स रिटर्न भरने के लिए पैन कार्ड की जरूरत होती है।

अप्रैल 2017 में सीबीडीटी ने ई-पैन की सुविधा लॉन्च की थी। जिसके बाद हर आवेदक को ई-मेल के जरिए पैन कार्ड की सॉफ्ट कॉपी पीडीएफ फॉर्मैट में भेजी जाती है।


जब इस्तेमाल करना हो तो इसे डाउनलोड कर उपयोग में लाया सकता है। 

उन्होंने कहा, 'सीबीडीटी जल्दी ही 4 घंटे के भीतर ई-पैन देने की शुरुआत करेगा। हम एक नई प्रणाली सामने ला रहे हैं। एक साल या कुछ समय बाद हम 4 घंटे में पैन देना शुरू कर देंगे।


आपको पहचान के तौर पर आधार देनी होगा और आपको 4 घंटे में ही ई-पैन मिल जाएगा।' उन्होंने कहा कि लोगों को पैन कार्ड के लिए 10 दिनों तक इंतजार नहीं करना होगा।

इस साल अब तक ही करीब 6.08 करोड़ आईटीआर मिल चुके हैं जो पिछले साल की इसी अवधि में मिले आईटीआर से 50 फीसद ज्यादा हैं।


हालांकि, उन्होंने तारीख नहीं बताई जब आईटीअआर भरने वालों की संख्या 6.08 करोड़ तक पहुंच गई।

जानिए कैसे अब चार घंटे में बनवाएं अपना पैन कार्ड ऑनलाइन 

पैन कार्ड के लिए अब आपको कई दिनों का इंतजार नहीं करना होगा। अब आप इसे महज 4 घंटे में ही बनवा लेंगे।


केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के चेयरमैन सुशील चंद्रा ने कहा कि टैक्स डिपार्टमेंट 4 घंटे में पैन कार्ड देने की योजना पर कार्य कर रहा है।