बेंगलुरु में 23000 से ज्यादा लोगों के साथ धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है।


यहां एक व्यक्ति ने इस्लामिक बैंक के नाम पर निवेशकों के करीब 1500 करोड़ रुपए ठग लिए। पुलिस ने उसके खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया है।

इस बीच मंसूर खान के फरार होने और आत्महत्या की धमकी देने वाला ऑडियो क्लिप सामने आने के बाद निवेशक बेहाल हैं। कर्नाटक सरकार ने बुधवार को जांच के लिए 11 सदस्यीय एसआईटी के गठन का एलान किया था।

इस ऑडियो में मंसूर ने कहा है कि वह आत्महत्या कर रहा है क्योंकि नेताओं और अफसरों को रिश्वत देते-देत थक गया है। उसने कांग्रेस विधायक रोशन बेग पर 400 करोड़ रुपये लेकर वापस न लौटाने का आरोप भी लगाया है।

एसआईटी करेगी जांच


इतने बड़े घोटाले की जांच के लिए एक एसआईटी का गठन किया गया है। एसआईटी के अधिकारियों ने गुरुवार को शिवाजीनगर में आईएमए कार्यालय को अपने कब्जे में लेकर उसके सभी लॉकर्स एवं सेफ्टी चेस्ट्स सील कर दिए। पुलिस का कहना है, 'ऐसी रिपोर्टें हैं कि गत छह जून को खान अपने ऑफिस से बाहर आता हुआ दिखाई दिया। इस दौरान उसके हाथ में एक बैग भी देखा गया।'

इस्लामिक बैंक के नाम पर लोगों के साथ की ठगी, 1500 करोड़ रु. की धोखाधड़ी कर हुआ फरार

निदेशकों के मुताबिक कुछ दिनों पहले ही मालिक मोहम्मद मंसूर खान ने एक मीटिंग में कई जगहों पर निवेश की चर्चा की थी।


साथ ही उन्हें रमजान की लंबी छुट्टी लेने को कहा था। इसके बाद सीधे उन्हें खान के फरार होने की खबर मिली।

बेंगलुरु का एक शख्स निवेश पर अच्छा रिटर्न का झांसा देकर 23,000 से ज्यादा लोगों का करीब 1500 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी कर देश से फरार हो गया है। 

मामला उजागर होने के बाद तीसरे दिन भी बड़ी तादाद में लोग शिवाजीनगर स्थित फर्म के दफ्तर पहुंचे। उन्होंने मालिक और निदेशकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। अब तक 26 हजार लोगों ने फर्म के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।

निवेशकों के मुताबिक उन्हें कुछ मस्जिदों के उलेमा और मौलवियों ने आईएमए में पैसा लगाने को कहा था। उनका कहना है कि मौलवियों ने उन्हें पैसा सुरक्षित रहने का भरोसा दिया था। साथी ही बताया कि फर्म इस्लामिक दिशानिर्देशों के हिसाब से काम करती है।

फर्म निदेशकों को पुलिस ने बुधवार को अलग-अलग जगहों से गिरफ्तार किया था। साथ ही पुलिस ने जानकारी दी है कि उसने एक निदेशक के घर के नजदीक सफेद रंग की एसयूवी बरामद की है, जो खान की बताई जा रही है। इस पर पुड्डुचेरी का नंबर है और यह कुछ समय से यहां खड़ी हुई थी।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक मोहम्मद मंसूर खान ने आई मोनेटरी अडवाइजरी (आईएमए) का गठन किया था।


उसने आईएमए में निवेश करने वाले 23,000 से ज्यादा लोगों को धोखा देकर गत आठ जून को देश से फरार हो गया।