जेबा ने मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए राचाकोंडा पुलिस आयुक्त महेश मुरलीधर भागवत का धन्यवाद ज्ञापित किया। 


शीर्ष 100 में शामिल 6 मुस्लिम में साद मिया खान (रैंक 25), समीरा एस (रैंक 28), फजलुल हसीब (रैंक 36), जमील फातिमा ज़ेबा (रैंक 62), हसीन जहीर रिज़वी (रैंक 87) और अजहर सिया ( रैंक 97) हैं।  

जानिए जमील फातिमा ज़ेबा के बारे में- सिविल सेवा परीक्षा में 62 वां रैंक हासिल किया

सेंट फ्रांसिस कॉलेज से एमबीए पास करने के बाद उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी। उन्होंने समाजशास्त्र को वैकल्पिक विषय के रूप में चुना था। 


जेबा एसवी विश्वविद्यालय, तिरुपति के उर्दू विभाग के पूर्व प्रमुख प्रोफेसर सुलेमान अतहर जावेद की पोती हैं।


उनके पिता हबीबुल्लाह खान भूगर्भ विज्ञानी हैं जो एनएमडीसी मसाब टैंक, हैदराबाद में काम कर रहे हैं।  

बता दें कि संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा की अंतिम सूची में कुल 909 सफल उम्मीदवारों में 41 मुसलमानो को कामयाबी मिली है।

यद्यपि मुसलमानों की कुल आबादी का 13.4% हिस्सा है, लेकिन शिक्षा की कमी और संसाधनों की अनुपलब्धता के कारण अक्सर शीर्ष सरकारी सेवाओं में उनका प्रतिनिधित्व हमेशा ही कम रहता है। सिविल सेवाओं में लगभग 2% ही उनकी भागीदारी है।  

हैदराबाद की जमील फातिमा ज़ेबा ने यूपीएससी द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा में 62 वां स्थान हासिल कर मिल्लत के सामने एक बड़ी मिसाल पेश की है।


उनकी कामयाबी पूरी मुसलमान क़ौम के लिए एक उम्मीद की किरन साबित हो सकती है।