केरल के मल्लपुरम में चलाए जा रहे इस अल्पसंख्यक कॉलेज में बुर्का पहनने पर प्रतिबंध लगाया गया है। यह कॉलेज मुस्लिम एजुकेशन सोसायटी की ओर से संचालित किया जाता है। 

लोकसभा चुनावों के बीच इस प्रतिबंध पर सियासी घमासान भी तय माना जा रहा है। केरल के कुछ स्थानीय संगठनों ने इस फैसले की आलोचना भी की है। 

केरल: मुस्लिम कॉलेज में लड़कियों के चेहरा ढकने पर लगी पाबंदी

शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में संपादकीय लिखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भारत में भी बुर्का पर बैन लगाने की मांग की। हालांकि बाद में पार्टी ने सफाई दी कि यह अखबार के संपादक की निजी राय है। 

केरल में मुस्लिम एजुकेशन सोसायटी ने कॉलेज में जुमेरात को छात्राओं को चेहरा ढकने को लेकर सर्कुलर जारी किया है।


जिसमें छात्राओं से कॉलेज में फेस कवर करने यानी चेहरा नहीं ढकने की बात कही गई है। 

हालांकि शिवसेना की इस मांग को एनडीए के घटक दल रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के नेता और केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने खारिज़ कर दिया है। 


उन्होंने कहा कि चेहरा ढकने को लेकर ऐसा कोई प्रतिबंध नहीं लगना चाहिए क्योंकि ये मुस्लिमों की परंपरा का हिस्सा है।  

बुर्के पर बैन की इस मांग पर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने शिवसेना पर जमकर हमला किया है।


उन्होंने कहा है कि यह हमारे संविधान में फंडामेंटल राइट है। बाकी आप यह हिंदुत्व सब पर नहीं लागू कर सकते हैं। कल को बोलेंगे कि आपके चेहरे पर दाढ़ी ठीक नहीं है, टोपी मत पहनिए।