आइएएस की परीक्षा में बैठने के पूर्व शाहिद ने जेआरएफ से स्कालरशिप ग्रांट भी लिया था।  अंतर्राष्ट्रीय सम्बंधों पर वह पीएचडी भी कर रहे हैं।


धार्मिक विषय की गूढ़ जानकारी रखने के साथ वह हर दिन पांच वक्त की नमाज भी पाबंदी से अदा करते हैं।  

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने केंद्रीय सेवाओं समेत भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय विदेश सेवा, भारतीय पुलिस सेवा के चयन के लिए हुई सिविल सेवा परीक्षा 2018 के फाइनल नतीजे शुक्रवार को घोषित कर दिए गए हैं।  
इन कामयाब छात्रों में मदरसे से आलिम की पढ़ाई पूरी कर चुके बिहार के शाहिद रजा खान का नाम भी शामिल है। 

IAS/आईपीएस रिजल्ट -मदरसे से आलिम की पढाई कर चुके शहीद रज़ा को मिली कामयाबी

ग़ौरतलब है कि इस बार कुल 28 मुस्लिमों ने अपनी कामयाबी का परचम लहराया है और ज़कात फाउंडेशन के सहयोग से यूपीएससी की तैयारी करने वाले जुनैद अहमद ने आल इंडिया में तीसरी रैंक पाई है।  

सात भाइयों और चार बहनों में में सातवें नम्बर पर रहे शाहिद ने बड़ी लगन से यह परीक्षा दी थी और उसे कामयाबी की उम्मीद भी थी। 

 
झारखंड के बोकारो में सीसीएल के सुपरवाइजर के रूप में 2008 में सेवानिवृत हुए मो. मुमताज अली के पुत्र शाहिद के तीन भाई सउदी अरब में रहते हैं। 

दिल्ली में रहकर जेएनयू से अरबी और पश्चिम एशिया विषय की पढ़ाई कर रहे शाहिद ने दूसरे प्रयास में यह कामयाबी पाई है। इम्तिहान के लिए उसने दिल्ली के जामिया मिल्लिया आइएएस इंस्टिच्यूट से कोचिंग भी की थी।