इन बच्चों के पास उपलब्ध परिचय-पत्र, आधार कार्ड, उनके घर और मदरसों के बताये गये पतों की पड़ताल से पता चला है कि वे अलग-अलग मदरसों के छात्र हैं और वापस मदरसे जा रहे थे।  

मालदा टाउन-आनंद विहार एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे लगभग 113 मदरसा छात्रों को शनिवार को संदेह के आधार पर बरेली रेलवे स्टेशन पर उतार लिया गया। 


सूत्रों के मुताबिक सूचना मिली थी कि 12 से 16 साल तक की उम्र के 100 से ज्यादा बच्चों को कहीं ले जाया जा रहा है। रेल प्रशासन को स्थानीय अभिसूचना इकाई से इसकी जानकारी मिली थी।   

सूचना मिलते ही आरपीएफ और जीआरपी इंटेलीजेंस और सिविल पुलिस ने ट्रेन को बरेली जंक्शन पर घेर लिया और बोगियों में मौजूद लड़कों को उतार लिया गया।  रेलवे प्रशासन की इस कार्रवाई से रेलवे स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई।  

प्राथमिक पूछताछ में पता चला है कि वे बच्चे अलग-अलग मदरसों के हैं, जो छुट्टी के बाद वापस जा रहे थे।


उनके नाम-पते की तस्दीक की जा रही है. बच्चे दिल्ली, हापुड़, अमरोहा और मुरादाबाद के मदरसों के बताये जा रहे हैं।  

पुलिस अधीक्षक (रेलवे) सुभाष चन्द्र ने बताया कि आनंद विहार-मालदा टाउन ट्रेन में 100 से ज्यादा संदिग्ध बच्चों के होने की सूचना मिली थी। ट्रेन के बरेली पहुंचने पर उन बच्चों को रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के जवानों ने स्टेशन पर उतार लिया।  

शर्मनाक-ट्रेन में सफर कर रहे थे 113 मदरसा छात्र, पुलिस ने ट्रेन को घेरा, बरेली में ट्रेन से उतारा

सूत्रों के मुताबिक सूचना मिली थी कि 12 से 16 साल तक की उम्र के 100 से ज्यादा बच्चों को कहीं ले जाया जा रहा है। रेल प्रशासन को स्थानीय अभिसूचना इकाई से इसकी जानकारी मिली थी।