पिता लगाते हैं ठेला, बेटा मोहम्मद साफ़ीन बना आईएएस, मुश्किलों के बाद हिम्मत नहीं हारी

मोहम्मद साफ़ीन की माँ घरो में काम करती थी और पिता ठेला लगाता था जीवन में तमाम तरह की मुश्किल थी,जिस दिन यूपीएससी का एक्साम था उस दिन युवक का एक्सीडेंट हो गया लेकिन इन सब के बाद भी इस युवक ने हार नहीं मानी।

जीवन में आई मुसीबतों पर वो मुस्कुराते हुए कहते हैं,”मुसीबतें उसी के कंधे पर आती हैं, जो उसे उठाने लायक हो.” वो ये भी कहते हैं, “मैने कभी फील नहीं किया कि मुसलमान होने के कारण मेरे साथ भेदभाव हुआ।”

लेकिन माँ बाप की तमाम तरह की आर्थिक मज़बूरी के बाद भी सफिन ने हिम्मत नहीं हारी।उन्होंने पूरी लगन के साथ यूपीएससी की तैयारी की,


मात्र 21 साल के इस युवक ने यूपीएससी एग्जाम में 175वीं पोजिशन हासिल की,जब इस खबर को उन्होंने सबसे मां से बांटा तो ये उनकी आंखों से आंसू आ गए। 

वो ये भी कहते हैं, “धर्म कभी खतरे में नहीं पड़ता और ना ही अच्छा और बुरा होता है, ये उसके मानने वाले हैं, जो उसे अच्छा या बुरा बनाते हैं.”वो अब अपनी तरह के जरूरतमंदों की मदद करना चाहते हैं ताकि उनके सपने पूरे कर पाएं. साफिन को लोगों से मिलना उनकी समस्याओं को दूर करना अच्छा लगता है।  

ग़ुरबत में ज़िन्दगी बसर करके अगर किसी की औलाद कामयाबी पाए तो ये आज के ज़माने में एक मुश्किल काम ज़रूर है,लेकिन गुजरात के एक युवक मोहम्मद साफ़ीन ने  ऐसा कर दिखाया है।