मोइन खान बताते हैं, ‘मैं नगरोटा के थंडा पानी गांव का रहने वाला हूं। मेरे माता-पिता अशिक्षित हैं और मैं अपने घर में ग्रेजुएशन पूरा करने वाला पहला इंसान हूं।’


खान के बड़े भाई को डाउन सिंड्रोम है और उनका इलाज जारी है। फिलहाल खान, उधमपुर स्थित पुलिस ट्रेनिंग एकेडमी में ट्रेनिंग हासिल कर रहे हैं। 

मोइन ने क्‍लास में एडमिशन लिया और इसकी मदद से परीक्षा पास करने में सफलता हासिल की। दिसंबर 2018 में परीक्षा के नतीजे आए और एक हफ्ते पहले उन्‍होंने ट्रेनिंग एकेडमी को ज्‍वॉइन किया।

मोइन पिज्‍जा डिलीवरी ब्‍वॉय थे और इसके अलावा पैसे कमाने के लिए उन्‍हें कार धोने से लेकर राशन की दुकान तक पर सात वर्ष तक काम किया।


28 वर्ष के मोइन खान अब खाकी वर्दी में इतराते हैं और अपने सपने को पूरा करने के बाद पूरी शान के साथ वर्दी को पहनकर निकलते हैं।

मोइन की कहानी ऐसे कई सारे लोगों को प्रेरित करती है जो मेहनत से अपने सपनो को साकार करने में विश्वास रखते हैं।

माता- पिता अशिक्षित मोइन खान का सपना अगर उनकी मेहनत और लगन का नतीजा है तो एक और व्‍यक्ति ने उनकी मदद की। आईपीएस ऑफिसर संदीप चौधरी जो जम्‍मू में बिना फीस के ऑपरेशन ड्रीम्‍स को चला रहा है।


संदीप, ऑपरेशन ड्रीम्‍स के तहत मुफ्त में युवाओं को कोचिंग देते हैं और पुलिस फोर्स के लिए तैयार करते हैं।

मुबारकबाद-पिज्‍जा हट डिलीवरी ब्‍वॉय मोइन खान बना जम्‍मू कश्‍मीर पुलिस में सब इंस्‍पेक्‍टर

जम्‍मू कश्मीर, जहां आतंकी अक्‍सर सुरक्षाबलों और सरकारी नौकरी ज्‍वॉइन न करने को लेकर धमकी देते रहते हैं, वहां से मोइन खान ने अपने सपने को पूरा करके दिखाया है।

 वेटर के अलावा कार धोने का भी काम मोइन के पिता मोहम्‍मद शरीफ दूध बेचने का काम करते थे। इसके बाद उन्‍होंने गुजरात में एक ढाबा खोला लेकिन साल 2009 में उनका एक्‍सीडेंट हो गया।

उन्‍होंने दोस्‍तों की मदद से कार धोने का बिजनेस शुरू किया। तीन साल तक वह यह काम करते रहे।

दोस्‍तों ने बताया आईपीएस संदीप के बारे में साल 2016 में उन्‍होंने सब-इंस्‍पेक्‍टर की भर्ती का एडवरटाइजमेंट देखा और इसके लिए अप्‍लाई कर दिया।


उनके एक दोस्‍त ने उन्‍हें बताया कि एक आईपीएस ऑफिसर एक हॉल में उन छात्रों को कोचिंग देते हैं तो आर्थिक रूप से कमजोर हैं। मोइन को पता लगा कि ऑफिसर फ्री में छात्रों को पढ़ाते हैं।