इस मामले में विधायक मुख्तार अंसारी, जिले के सांसद रहे अफजाल अंसारी समेत और मुन्ना बजरंगी के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था।


कृष्णानंद राय भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता मनोज सिन्हा के काफी करीबी माने जाते थे।उस वक्त भारतीय जनता पार्टी के नेता आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए धरने पर बैठे थे।इस केस को  2006 में सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया गया था।  

बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय हत्याकांड में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने मुख्तार अंसारी समेत सभी पांच आरोपियों को बरी कर दिया है। 


गौरतलब है 2005 में हुई इस हत्या का आरोप बसपा विधायक मुख्तार अंसारी, मुन्ना बजरंगी समेत कई समेत पांच लोगों पर था। इसमें से मुन्ना बजरंगी की बीते दिनों जेल में हत्या कर दी गई थी।  

यूपी के गाजीपुर की मुहम्मदाबाद विधानसभा सीट से तत्कालीन बीजेपी विधायक राय को 29 नवंबर 2005 को उस वक्त गोलियों से भून दिया गया था, जब वह सियारी नाम के गांव में एक क्रिकेट टूर्नमेंट का उद्घाटन करके लौट रहे थे।

स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय की हत्या के मामले में पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी समेत सभी आरोपियों को बरी कर दिया है।  

मुख्तार अंसारी मऊ निर्वाचन क्षेत्र से विधान सभा के सदस्य के रूप में रिकॉर्ड पांच बार विधायक चुने गए हैं।


अंसारी 1996 में बसपा के एक उम्मीदवार के रूप में अपना पहला विधानसभा चुनाव जीता था।

मुख्तार अंसारी का जन्म यूपी के गाजीपुर जिले में हुआ था। उनके दादा मुख्तार अहमद अंसारी कभी शुरुआत में अखिल भारतीय कांग्रेस के अध्यक्ष रहे चुके थे। 
इस तरह से देखा जाए तो मुख्तार अंसारी को राजनीति विरासत में मिली है।  

2002 में और 2007 में उन्होंने निर्दलीय होकर चुनाव लड़ा और दोनों बार जीत हासिल की। इसके बाद  2007 में ही वो फिर से बसपा में शामिल हो गये थे।  


सके बाद बसपा ने उन्हें 2009 के लोकसभा चुनाव में वाराणसी की सीट से लड़ाया, मगर उनको कामयाबी नहीं मिली थी और चुनाव हार गए थे।  

ताज़ा ख़बर-कृष्णानंद राय हत्याकांड में मुख्तार अंसारी समेत सभी 5 आरोपी बरी