5 साल का रहा इंटरनेशनल करियर 


मुनाफ पटेल ने 2006 में इंग्लैंड के खिलाफ मोहाली में टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया था। इसके एक महीने बाद उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ ही पहला वनडे भी खेला। 


वे 2006-11 के बीच टीम इंडिया के नियमित सदस्य रहे।  

इंग्लैंड को 14 रन चाहिए थे। इंग्लैंड ने पहली तीन गेंदों पर 9 रन बना लिए थे और अंतिम गेंद पर दो रन की जरूरत थी।  ऐसे में मुनाफ ने सिर्फ एक रन दिया और मैच टाई करवा दिया था।  

मुनाफ ने अपने शुरुआती दिनों में टाइल्स कारखाने में काम किया।  वे बॉक्स में टाइल्स पैक करते और आठ घंटे की शिफ्ट के लिए 35 रुपए कमाते थे।  

मुनाफ पटेल 2011 के वर्ल्ड कप में भारत के तीसरे सबसे सफल गेंदबाज थे। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी ओवर में 2 विकेट लेकर मैच टाई कराया था।

जन्मदिन मुबारक-मुनाफ पटेल जिन्होंने वर्ल्डकप दिलाने में निभाई थी अहम भूमिका

भारतीय क्रिकेट के यादगार गेंदबाजों में मुनाफ पटेल का नाम भी शुमार है। मुनाफ पटेल के लिए आज का दिन काफी खास और अहम है।


आज ही के दिन साल 1983 में उनका जन्म गुजरात के इखर में हुआ था। वे भारत की 2011 वर्ल्डकप जीत के सबसे अहम गेंदबाज भी थे।

मुनाफ पटेल का करियर काफी मुश्किलों से भरा रहा है। एक समय ऐसा भी था, जब उन्हें दिहाड़ी के लिए 35 रु हर दिन मिलते थे, फिर इसी गेंदबाज ने साल 2011 में भारत को विश्व विजेता बनाने ने अहम रोल अदा किया था।