प्रसव पीड़ा शुरू होने के बाद रूबन को नंदिता को अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस की जरूरत थी।


कहीं से भी कोई मदद ना मिलने पर रूबन के पड़ोसी मकबूल मदद के लिए सामने आए और कर्फ्यू की परवाह किए बिना नंदिता को सही समय पर अस्पताल पहुंचाया।  

प्रसव पीड़ा में कराहती हिंदू महिला को मुस्लिम ऑटो ड्राइवर ने कर्फ्यू में पहुंचाया अस्पताल

उपायुक्त कीर्ति जल्ली ने रूबन के पड़ोसी एवं ऑटो चालक मकबूल से भी मुलाकात कर उन्हें अपने दोस्त की मदद करने और जिले में कायम तनाव को कम करने के लिए उनका शुक्रिया अदा किया।  

मुस्लिम ऑटो रिक्शा वाले ने समय पर महिला को अस्पताल पहुंचा दिया था, जहां महिला ने एक बेटे को जन्म दिया और बच्चे का नाम ‘‘शांति’’ रखा गया है। 

ख़बरें जो रूह को सुक़ून देती हैं


असम के हैलाकांडी में कर्फ्यू के बीच साम्प्रदायिक एकता को एक उदाहरण देखने को मिला। एक मुस्लिम ऑटो रिक्शा वाले ने कर्फ्यू तोड़ते हुए प्रसव पीड़ा झेल रही हिंदू महिला को अस्पताल पहुंचाया।