असम में बीफ बैन नहीं लेकिन बेचना मना

असम में बीफ बैन नहीं है लेकिन असम में केवल 15 साल से ज्यादा उम्र के पशुओं को ही स्लॉटर हाउस ले जाया जा सकता है। उसके लिए भी पहले राज्य सरकार से स्लॉटर के लिए अनुमति लेनी होती है।

दरिंदगी-बीफ के शक में भीड़ ने मुस्लिम बुजुर्ग को पीटा, सुअर का मांस खिलाने की कोशिश

पुलिस ने इस मामले को लेकर अब तक 5 लोगों को हिरासत में लिया है।  इन में से दो बाजार कमिटी के नेता हैं जिन्होंने शौकत को भीड़ से बचाया है। 


पुलिस इन दोनों को अच्छे बर्ताव के कारण सेक्शन 107 के नियमों के तहत छोड़ दिया है। भीड़ ने कमिटी के दोनों लोगों के साथ भी बुरा बर्ताव किया है।  

असम में भीड़ ने 68 साल के शौकत अली को अपना शिकार बनाया है।  भीड़ ने शौकत अली पर गोमांस बेचने का शक किया और उसकी पिटाई की। 


सिर्फ पिटाई नहीं की गई उसे सुअर का मांस खिलाने की भी कोशिश की गई. 7 अप्रैल को हुए इस वाकये का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होता जा रहा है।  

सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें शौकत अली को भीड़ से घिरे हुए घुटने के बल बैठे हुए देखा जा सकता है। भीड़ उससे पूछती है कि वह गोमांस क्यों बेच रहा है और क्या उसके पास ऐसा करने का लाइसेंस है।

स्थानीय पुलिस के अनुसार, अली एक व्यापारी है और पिछले 35 सालों से क्षेत्र में भोजनालय चला रहा है। भीड़ ने उस पर साप्ताहिक बाजार में गोमांस बेचने का आरोप लगाया। पुलिस ने कहा, ‘वे मामले की जांच कर रहे हैं।’


पुलिस अधीक्षक (बिश्वनाथ) राकेश रौशन ने कहा कि पुलिस ने शौकत अली की शिकायत मिलने के बाद एफआईआर दर्ज की कि उसके साथ मारपीट की गई, उसे बांग्लादेशी कहा गया और पोर्क खाने के लिए मजबूर किया गया।

AIMIM के चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने इस घटना पर दुख जताया। उन्होंने ट्वीट किया, 'मैं ऐसे बहुत लोगों को जानता हूं जो कि पिछले पांच साल में बढ़ती लिंचिंग की घटनाओं पर असंवेदनशील हो गए हैं।