हालांकि, अफसर कपल नहीं चाहता था कि शहीद की बेटी को गोद लेने की खबर का किसी को पता चले।


लेकिन नेकी की खुशबू दूर-दूर तक न फैले, ऐसा कैसे हो सकता है। जैसे ही लोगों को इसके बारे में पता चला, हर किसी ने उनके इस फैसले की वाहवाही की।


कपल का कहना है कि शहीद की बेटी को अपनाने से बेटे को बहन मिल गई।

मिसाल-मुस्लिम IAS-IPS दंपति ने शहीद की बेटी को लिया ‘गोद’, इसे भी IPS अफसर बनाएंगे

मई 2017 में पाकिस्तान बॉर्डर एक्शन टीम के हमले में पंजाब के तरनातरन के परमजीत सिंह शहीद हो गए थे।


जब 12 साल की उनकी बेटी ने अंतिम संस्कार किया, तो यह दृष्य देख हर कोई हिल गया था। हिमाचल में तैनात इस अफसर कपल को जब इसके बारे में जानकारी मिली, तो उन्होंने खुशदीप को गोद लेने का फैसला किया।

कुल्लू के डिप्टी कमिश्नर यूनुस और सोलन जिले में एसपी अंजुम ने कहा, हम समय-समय पर घर जाकर बेटी व शहीद परिवार से मुलाकत करते रहेंगे। उन्हें कोई तकलीफ न हो, इसके लिए कोशिश करते रहेंगे। 


यूनुस कहते हैं, किसी शहीद की फैमिली का दर्द असहनीय होता है। लेकिन हम इसे बांटने की कोशिश तो कर सकते हैं। शहीद की बेटी को बेहतर एजुकेशन का इंतजाम करना एक नागरिक होने के नाते हमारी ड्यूटी है।

ये खबर है  देश की दूसरी मुस्लिम लेडी आईपीएस अंजुम आरा और उनके आईएएस पति यूनुस खान की। 

जिन्होंने जम्मू-कश्मीर में शहीद नायब सूबेदार परमजीत सिंह की 12 साल की बेटी खुशदीप को गोद लेकर अफसर बनाने की ठानी है। 

भले ही खुशदीप अपनी फैमिली के पास रहना चाहती है। लेकिन ये कपल उसके घरेलू से लेकर पढ़ाई और शादी का हर खर्च उठाएगा।