मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली-लड़कियों को विरासत में हिस्सा और शिक्षा जरूर दें 

उन्होंने कहा कि आज के दौर में शादी-विवाह आम लोगों के लिए बोझ बन गया है।


जबकि इस्लाम धर्म मे शादी को सादगी के साथ करने का हुक्म है।


दहेज देने का विरोध करते हुए उन्होंने कहा कि समाज के लिए दहेज किसी नासूर से कम नहीं है।

आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने कहा कि लड़कियों को अपनी विरासत में हिस्सा जरूर दें।


उन्हें शिक्षित बनाएं। ताकि उन्हें इस्लाम धर्म के बारे में अच्छी जानकारी हो सके।

फिरंगी महली शुक्रवार को संतकबीर नगर जनपद के सेमारियावा स्थित जामा मस्जिद में एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले उन्होंने लोगों से मुलाकात की और कुशल क्षेम पूछा।

उन्होंने मुसलमानों का आह्वान किया कि समाज मे पैदा होने वाले छोटे-बड़े मामले आपस में मिल बैठकर हल करें। कानून शरिया का पालन करें।


समाज में सद्भाव को बनाये रखें। यह हमारी जिम्मेदारी है। आपसी इत्तेहाद व सूझ बूझ का सबूत दें। झगड़ा फसाद से दूर रहे।

उन्होंने कहा कि देश विदेश के मौजूदा हालात की जानकारी भी रखें। मौलाना ने हर जिले में दारुल कजा स्थापित करने का आह्वान किया।


इसके लिए मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और जमीयतुल उलमा ने पहल की है। जिसका हमे कानूनी हक हासिल है।