निशा की बुआ भी हैं जज


ग्राम प्रधान अहसान अली ने बताया कि निशा अली की बुआ आसिफ राना पहले से ही न्यायिक सेवा में हैं।


बुआ के न्यायिक सेवा में होने के बाद निशा ने भी न्यायिक सेवा में चयन के लिए मेहनत शुरू की थी। आज उसे कामयाबी मिल गई है।

कैराना क्षेत्र के गांव भूरा गांव की मूल निवासी निशा अली ने यूपीपीसीएस-जे की परीक्षा के तहत सिविल जज बनकर कैराना का नाम रोशन किया है।


निशा अली के पिता इकराम अली मूलरूप से गांव भूरा के रहने वाले है और देवबंद रेलवे स्टेशन पर स्टेशन मास्टर के पद पर तैनात हैं।

उत्तर प्रदेश सिविल जज परिणाम 2019 - जज बन कर निशा अली ने किया कैराना का नाम रोशन

निशा ने देवबंद  से हाईस्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके बाद अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से इंटरमीडिएट, बीए एलएलबी की, जिसके 2015 में फाइनल होने के बाद निशा दिल्ली चली गई, जहां पर एक साल कोचिंग किया। 

निशा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के मार्गदर्शन व उनकी प्रेरणा को दिया है। निशा के छोटे भाई राहत अली दिल्ली में यूपीएससी की तैयारी कर रहे है।


निशा अली ग्राम प्रधान अहसान अली की भतीजी हैं। निशा के अलावा उसके परिवार में माता-पिता व एक भाई है। भाई राहत अली निशा से छोटा है, जो एलएलबी कर चुका है।

शनिवार को यूपीपीसीएसजे-2018 का फाइनल परिणाम घोषित हुआ, जिसमे निशा का चयन सिविल जज(जूनियर डिवीजन) के लिए हो गया।


निशा ने न्यायिक परीक्षा में 384वीं रैंक हासिल की है। उनकी उपलब्धि पर परिवार में खुशी का माहौल है।