Noreen Khan-BBC

3. अपने सुनने वालों को जानिए-समझिए और साथ ही उस स्टेशन को भी, जिस पर आप प्रेज़ेंट कर रहे हैं।  

श्रोताओं को समझने, उनसे जुड़ने और रिश्ता बनाने की क्षमता और साथ ही दबाव झेलने की काबिलियत।

हर रोज़ साढ़े तीन घंटे का लाइव शो करने का मतलब है कि आपको अचानक सामने आने वाले हालात से निपटने, बदलने और बहुत तेज़ रफ़्तार से सोचने-समझने की कला सीखनी होती है।  

हर रोज़ साढ़े तीन घंटे का लाइव शो, किसी भी रेडियो प्रेज़ेंटर की कुशलता और टैलेंट का कड़ा इम्तहान ले सकता है।


बीबीसी एशियन नेटवर्क की नॉरीन ख़ान इस मामले में अपनी कामयाबी की रणनीति साझा कर रही हैं।  

आप क्या करती हैं और आपकी मुख्य ज़िम्मेदारियां क्या हैं?

मैं बीबीसी एशियन नेटवर्क की प्रेज़ेंटर हूं और हर रोज़ दोपहर डेढ़ बजे से शाम पांच बजे के बीच प्रेज़ेंट करती हूं।  मेरे शो में म्यूज़िक, मनोरंजन और सूचना का मिश्रण होता है।  

अब तक करियर में सबसे यादगार या गर्व महसूस कराने वाला पल कौन सा रहा है?

एक साल से ज़्यादा वक़्त तक बीबीसी एशियन नेटवर्क पर मेरा शो, सबसे ज़्यादा सुना जाने वाला शो रहा, जो कि देश में सबसे बड़ा एशियाई रेडियो शो है। मेरे लिए ये एक बहुत बड़ी व्यक्तिगत उपलब्धि है।  

अगर कोई आपका काम करना चाहे, तो आप क्या तीन टिप्स देना चाहेंगी?

जो लोग ब्रॉडकास्टर बनना चाहते हैं, उनके लिए मेरी सलाह है:

1. अपनी भूमिका को अच्छी तरह समझ लें और उसके बारे में रिसर्च कर लें ताकि आपको ये पता चल सके कि ये वाक़ई वही करियर है, जिसे आप अपना भविष्य बनाना चाहते हैं।  

2. जितना संभव हो, उतना अनुभव लीजिए. मैंने हॉस्पिटल रेडियो से शुरुआत की थी, जिसके बाद मैं कमर्शियल रेडियो की तरफ़ गई।  

ऐसा कोई फ़ायदेमंद हुनर, जो आपने यहां रहते हुए सीखा हो?

श्रोताओं को समझने, उनसे जुड़ने और रिश्ता बनाने की क्षमता और साथ ही दबाव झेलने की काबिलियत।


हर रोज़ साढ़े तीन घंटे का लाइव शो करने का मतलब है कि आपको अचानक सामने आने वाले हालात से निपटने, बदलने और बहुत तेज़ रफ़्तार से सोचने-समझने की कला सीखनी होती है।  

नॉरीन ख़ान-आइये जानते हैं बीबीसी एशियन नेटवर्क की प्रेज़ेंटर के बारे में