सोशल मीडिया पर और बाकी जगहों पर बहस होने लगीं कि नुसरत जहां के ख़िलाफ़ फतवा जारी हो गया। इस पर बवाल हुआ तो नुसरत जहां ने ट्विटर पर बयान जारी करते हुए कहा,


“मैं सभी धर्मों का सम्मान करती हूं. लेकिन मैं अभी भी एक मुस्लिम हूं और किसी को भी इस पर कमेन्ट नहीं करना चाहिए कि मैं क्या पहनती हूं। आस्था कपड़ों से परे है।”

नुसरत जहां के खिलाफ़ जिस फतवे पर मचा बवाल , वो फ़तवा जारी ही नहीं हुआ

तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर पश्चिम बंगाल से बशीरहाट लोकसभा से संसद पहुंची नुसरत जहां की शादी, उनके धर्म और उनके पहनावे पर हल्ला हो रहा है। 


ताज़ा हल्ला ऐसी ख़बरों पर आधारित है कि दारुल उलूम देवबंद ने नुसरत जहां के खिलाफ़ फ़तवा जारी कर दिया है।  

दारुल उलूम देवबंद के जनसंपर्क अधिकारी रह चुके अशरफ उस्मानी इस समय प्रशासनिक विभाग के डेवलपमेंट और आर्गेनाईजेशन विभाग के असिस्टेंट इंचार्ज के पद पर कार्यरत हैं।


अशरफ उस्मानी काफी गुस्से में बात करते हुए बताते हैं कि हर बयान को दारुल उलूम देवबंद से जोड़ना सही नहीं है।  उन्होंने कहा,


“देवबंद ने नुसरत जहां के खिलाफ या उनके नाम से कोई भी फ़तवा जारी नहीं किया है. इस मामले में हमारे नाम से कुछ भी चल रहा है तो देवबंद उसका खंडन करता है।”

मीडिया के मुताबिक़, देवबंदी उलेमा मुफ़्ती असद कासमी ने कहा,

“अभिनेत्री नुसरत जहां को सिर्फ किसी मुसलमान से शादी करनी चाहिए थी. वे फिल्म में अभिनय करने के दौरान इस्लाम के तमाम नियम को ताक पर रख रही थीं, लेकिन गैर-मुस्लिम से विवाह करने का उनका फैसला तो बेहद चौंकाने वाला है। इस्लाम कहता है कि मुसलमान सिर्फ मुसलमान से शादी कर सकता है, किसी और धर्म में नही।”

नुसरत जहां के मामले पर मुफ्ती साहब के कई बयान आए और इन्हीं बयानों से नुसरत जहां के फतवे का मुद्दा उठा. मुफ्ती साहब बताते हैं कि उनके बयानों को फ़तवा बताकर पेश किया गया।  

अशरफ़ उस्मानी ने कहा कि हर उलेमा या मौलवी का बयान दारुल उलूम देवबंद का आधिकारिक बयान नहीं दे सकता है।  

मुफ्ती असद कासमी एक मदरसे के संचालक हैं और कई बार ऐसे दीनी मसलों (मतलब धर्म से जुड़े मसलों) पर अपनी राय देते रहते हैं। देवबंद से तालीम हासिल की है लेकिन दारुल उलूम देवबंद से मुफ्ती साहब का कोई भी आधिकारिक संबंध नहीं है।  

दो दिनों से ऐसी ख़बरें चल रही है कि नुसरत जहां की शादी और पहनावे के खिलाफ दारुल उलूम देवबंद ने कहा है कि ऐसा इस्लाम के नियमों के खिलाफ है।