अभियान से जुड़ीं 10 बड़ी बातें ...

1. कोरोना संकट के समय में केंद्र सरकार गरीब कल्याण रोजगार अभियान के जरिये गांवों में लौटे प्रवासी मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराएगी।

2. 06 राज्यों के 116 जिलों में 125 दिनों तक मिशन मोड पर चलाया जाएगा यह अभियान। इस योजना से करीब 1.5 लाख मजदूरों को फायदा मिलेगा।

3. इन राज्यों में उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड, राजस्थान और ओडिशा इन छह राज्यों को चुना गया है।

4. अभियान के तहत ग्रामीण भारत में 50,000 करोड़ रुपयों से सार्वजनिक कार्य कराए जाएंगे जिसमें सरकारी तंत्र के लोग प्रवासी श्रमिकों की मदद के लिए मिशन मोड पर काम करेंगे। 

इस अभियान के जरिये छह राज्यों के 116 जिलों में 50,000 करोड़ रुपए से ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जाएगा और करीब 1.5 लाख मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।


छह राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ आज वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के जरिये अभियान का शुभारंभ करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बिहार के गाँव तेलिहार के जनप्रतिनिधियों के साथ लौटे प्रवासी मजदूरों से भी बातचीत की।

जानिए पीएम मोदी के गरीब कल्याण रोजगार अभियान की 10 बड़ी बातें, कैसे मिलेगा आपको फायदा

अभियान से गांवों में कराये जाएंगे ये काम

♦ ग्राम पंचायत भवन का निर्माण

♦ सामुदायिक स्वच्छता परिसर का निर्माण कार्य

♦ आंगनबाड़ी केंद्र का काम

♦ पानी के लिए कुओं का निर्माण कार्य

♦ प्रधानमंत्री आवास योजना का काम

♦ राष्ट्रीय राजमार्ग का काम

♦ ग्रामीण सड़क और सीमा सड़क का काम

♦ पशु शेड बनाने का काम

♦ प्रधानमंत्री कुसुम योजना से जुड़ा काम

♦ प्रधानमंत्री ऊर्जा गंगा प्रोजेक्ट से जुड़ा काम

♦ केंचुआ खाद तैयार करने का काम

♦ गांवों में पोधारोपण और जल संरक्षण का काम

♦ जल जीवन मिशन का काम

♦ भारतीय रेलवे से जुड़े हुए काम समेत कुल 25 तरह के कार्य क्षेत्र शामिल किये गए हैं


इस बीच प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "छह लाख से ज्यादा गांवों वाला देश भारत जहां की दो तिहाई से ज्यादा आबादी लगभग 80-85 करोड़ लोग गांवों में रहते हैं। उस ग्रामीण भारत ने कोरोना संक्रमण को बड़े प्रभावी तरीके से रोका है।"

​कोरोना संकट के समय में लाखों की संख्या में अपने गांवों को लौटे प्रवासी मजदूरों के रोजगार के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज बिहार के खगड़िया जिले के गाँव तेलिहार से गरीब कल्याण रोजगार अभियान का शुभारंभ किया।

प्रधानमंत्री ने कहा, "अभी तक ग्राउंड पर काम करने वाले हमारे साथी, ग्राम प्रधान, आंगनबाड़ी वर्कर, आशा वर्क इन सभी ने बहुत बेहतरीन काम किया है और ये सभी वाहवाही के पात्र हैं। कोई आपकी पीठ थपथपाए या न थपथपाए पर मैं आपका जय जयकार करता रहूंगा। मैं ऐसे ग्राम सेवकों को आदरपूर्वक नमन करता हूं।"


पीएम मोदी ने कहा, "मैंने मीडिया में उन्नाव जिले की एक खबर देखी थी जिसमें एक क्वारंटाइन सेंटर में क्वारंटाइन हुए मेरे श्रमिक भाईयों ने अपने कौशल का इस्तेमाल करते हुए रंगाई-पुताई कर उस स्कूल का हुलिया बदल दिया। उससे मुझे आइडिया मिला,वहीं से इस योजना (गरीब कल्याण रोजगार अभियान) का जन्म हुआ।"

अब सभी राज्यों की सूची आ जायेगा। आपको यहाँ अपना राज्य सर्च करना है और उसके सामने ग्राम पंचायत की संख्या पर टैप करना है। नीचे स्क्रीनशॉट की तरह 

5. केंद्र सरकार अभियान के तहत 25 योजनाओं के जरिये प्रवासी मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराएगी यानी गांवों में मजदूरों को 25 तरह के काम उपलब्ध कराये जाएंगे।

6. इस अभियान के लिए उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, झारखंड और ओडिशा के 116 जिलों में प्रत्येक राज्य से 25-25 हज़ार प्रवासी मजदूरों को चुना गया है।

7. इस अभियान के जरिये गांवों में रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के साथ ही स्थायी बुनियादी ढांचा तैयार किया जाना है।

8. छह राज्यों के इन जिलों के करीब दो तिहाई प्रवासी मजदूरों को इस अभियान में शामिल करने का अनुमान है।

9. इस अभियान का समन्वय 12 अलग-अलग मंत्रालय करेंगे। इनमें ग्रामीण विकास, पंचायती राज, खनन, पेयजल एवं स्वच्छता, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, पर्यावरण, रेलवे, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस, सीमा सड़क, दूरसंचार और कृषि मंत्रालय शामिल है।

10. ये सभी वे जिले चुने गए हैं, जहाँ लॉकडाउन के दौरान सबसे अधिक प्रवासी मजदूर लौटे हैं।