प्राइवेट कंपनियों में आईसीआईसीआई लोम्बार्ड को एक हजार करोड़ रुपये का फायदा हुआ है. आईसीआईसीआई लोम्बार्ड को कुल 2,371 करोड़ रुपये का प्रीमियम मिला था लेकिन इसने सिर्फ 1,362 करोड़ रुपये के ही दावे का भुगतान किया।  

वहीं रिलायंस जनरल को कुल 706 करोड़ रुपये का फायदा हुआ है. रिलायंस को फसल बीमा के तहत 1,181 करोड़ रुपये का प्रीमियम मिला लेकिन इसने सिर्फ 475 करोड़ रुपये के दावे का ही भुगतान किया।  

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार


निजी क्षेत्र की 11 बीमा कंपनियों ने कुल 11,905.89 करोड़ रुपये प्रीमियम इकट्ठा किया लेकिन उन्होंने केवल 8,831.79 करोड़ रुपये के दावों का ही भुगतान किया।  

इसी तरह बजाज आलियांज को 687 करोड़ और एचडीएफसी को मार्च 2018 तक 429 करोड़ रुपये का फायदा हुआ है. सरकारी कंपनियों में न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी को 500 करोड़ रुपये का फायदा हुआ है।  

फसल बीमा से प्राइवेट कंपनियों ने कमाए करीब 3000 करोड़, सरकारी कंपनियों को घाटा

वहीं पांच सरकारी बीमा कंपनियों ने 13,411.10 करोड़ रुपये का प्रीमियम सरकार और किसानों से इकट्ठा किया और फसल नुकसान की वजह से किसानों को 17,496.64 करोड़ रुपये का भुगतान दावों के रूप में किया गया।  

सरकारी बीमा कंपनियों में से एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड (एआईसी) को सबसे बड़ा घाटा हुआ है।  

भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण की रिपोर्ट के मुताबिक मार्च 2018 तक में फसल बीमा के तहत कार्यरत सरकारी कंपनियों को 4,085 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। 


11 निजी बीमा कंपनियां मार्च 2018 के लिए फसल बीमा व्यवसाय से 3,000 करोड़ रुपये से अधिक का मुनाफा दर्ज करने के लिए तैयार हैं,


जबकि सरकारी बीमा कंपनियों को 4,085 करोड़ रुपये के नुकसान का नुकसान हुआ है।  

साभार- ‘द वायर ’