उनका कहना है कि ऐसा कदम उठाने से मुस्लिमों के तुष्टीकरण और संरक्षण जैसे आरोपों से छुटकारा पाया जा सकेगा। कोलकाता में दशकों से जिंदगी गुजार रहे अलग-अलग क्षेत्र के प्रतिष्ठित मुस्लिम नागरिकों ने हाल ही में शहर में हुई दो घटनाओं का हवाला देते हुए अपील जारी की है।  

कोलकाता के मुसलमानों ने ममता बनर्जी लिखा खत की कड़ी कार्रवाई की मांग 

पत्र में उन्होंने कोलकाता में डॉक्टरों पर हाल में हुए हमलों और मॉडल उशोषी सेनगुप्ता के साथ अपने समुदाय के कुछ सदस्यों द्वारा छेड़छाड़ किए जाने को देखते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। 

मुस्लिम समाज के प्रतिष्ठित नागरिकों ने ममता सरकार से अपील की है कि कोलकता के इलाकों में मुस्लिम युवाओं और उनके परिवारों के बीच लैंगिक संवेदनशीलता, नागरिक चेतना और कानून का पालन करने के लिए अभियान चलाते हुए उनसे जुड़ा जाए।


इसके साथ ही उन्हें प्रोत्साहित भी किया जाना चाहिए। खत में कहा गया है, 'ऐसा करने के लिए लंबे धैर्य की जरूरत है लेकिन इसे फौरन लागू किया जाना चाहिए।' 

ममता बनर्जी को लिखे पत्र का मसौदा तैयार करने वाले संचार विशेषज्ञ मुदार पथेरया ने कहा कि सरकार को वोटबैंक की राजनीति छोड़कर, आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य को ध्यान में रखते हुए मुद्दों का समाधान करना चाहिए।  

उन्होंने पत्र में मज़ीद लिखा, 'हम हाल में हुई दो घटनाओं को लेकर बेहद चिंतित हैं...दोनों मामलों में हमलावर हमारे समुदाय से थे. हम व्यथित और शर्मिंदा हैं।  

कोलकाता में पूर्व मिस इंडिया यूनिवर्स और मॉडल से ऐक्टर बनीं उशोषी सेनगुप्ता से सरेराह बदसलूकी और हमले का सनसनीखेज मामला सामने आया था।


यह घटना सोमवार की रात लगभग 11 बजकर 40 मिनट पर हुई थी। सेनगुप्ता द्वारा ली गई तस्वीरों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया था। 

कोलकाता में मुस्लिम समुदाय के 46 प्रतिष्ठित नागरिकों ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को एक खत लिखा है।

इसमें अपील की गई है कि मुस्लिम समुदाय के उन लोगों पर सख्त कार्रवाई हो, जो आपराधिक मामलों में शामिल हैं।