साल: 1280-1337

देश: माली

दौलत: उससे भी ज़्यादा दौलतमंद जितना कोई अनुमान लगा सकता है

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'इतिहास के सबसे अमीर आदमी' का परिचय 'मनी' मैगज़ीन में कुछ इन्हीं लफ्ज़ों के साथ शुरू होता है. मनसा मूसा प्रथम के बारे में एक परिचय ये भी है कि वो टिम्बकटू के राजा थे.मूसा ने माली की सल्तनत पर उस समय हुकूमत किया था जब वो खनिज पदार्थों ख़ासकर सोने के बहुत भड़े भंडार का मालिक हुआ करता था.

ये वो ज़माना था जब पूरी दुनिया में सोने की मांग अपने चरम पर थी. उनका असली नाम मूसा कीटा प्रथम था लेकिन तख़्त पर बैठने के बाद वो मनसा कहलाए जिसका मतलब बादशाह होता है

मनसा मूसा के क़िस्से

मनसा मूसा के दौर की जो सबसे मशहूर कहानी है वो है उनकी मक्का यात्रा. ये 1324 की बात है. इस सफ़र में मनसा मूसा ने साढ़े छह हज़ार किलोमीटर का फ़ासला तय किया था. क़िस्सा ये है कि जो लोग मनसा मूसा को देखना चाहते थे, जब वे उनके कारवां के पास पहुंचे तो अवाक् रह गए.

लोगों ने देखा कि मनसा मूसा के कारवां में 60 हज़ार लोग शामिल थे और इनमें 12 हज़ार तो केवल सुल्तान के निजी अनुचर थे. मनसा मूसा जिस घोड़े पर सवार थे, उससे आगे 500 लोगों का दस्ता चला करता था जिनके हाथ में सोने की छड़ी होती थी. मनसा मूसा के ये 500 संदेशवाहक बेहतरीन रेशम का लिबास पहना करते थे.

इनके अलावा इस कारवां में 80 ऊंटों का जत्था भी रहता था, जिस पर 136 किलो सना लदा होता था. कहा जाता है कि मनसा मूसा इतने उदार थे कि वे जब मिस्र की राजधानी काहिरा से गुजरे तो वहां उन्होंने ग़रीबों को इतना दान दे दिया कि उस इलाके में बड़े पैमाने पर महंगाई बढ़ गई.

मनी मैगज़ीन में यूनिवर्सिटी ऑफ़ मिशिगन के इतिहास के प्रोफ़ेसर रुडोल्फ़ वेयर कहते हैं, "ये इतिहास के उस सबसे अमीर आदमी की बात है. जब आपके पास इतनी दौलत हो कि उसका अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाए तो ये समझिए कि आप बहुत अमीर आदमी हैं."

मनसा मूसा प्रथम: वो मुसलमान जो 'इतिहास का सबसे अमीर शख्स' था

आज के मॉरीटानिया, सेनेगल, गांबिया, गिनिया, बुर्किना फासो, माली, नाइजर, चाड और नाइजीरिया तब मूसा की सल्तनत का हिस्सा हुआ करता थे. मनसा मूसा ने कई मस्जिदों का निर्माण कराया जिनमें कई आज भी मौजूद हैं


​मनसा मूसा की दौलत का हिसाब-किताब आज के वक्त के मुताबिक़ लगाना एक मुश्किल काम है. फिर भी एक अंदाजा है कि मनसा मूसा के पास 4,00,000 मिलियन अमरीकी डॉलर के बराबर की दौलत थी. भारतीय मुद्रा में ये रकम करीब ढाई लाख करोड़ रुपये बनती है