अमेरिका ने तुर्की से एस-400 मिसाइल के सौदे को रद्द करने को कहा था। अमेरिका ने चेतावनी दी थी कि यदि वह ऐसा करता है तो उसे  आर्थिक प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा। 


अमेरिका ने तुर्की से कहा था कि अगर वह रूसी एस -400 सतह से हवा में मिसाइल रक्षा प्रणालियों की खरीद को अंतिम रूप देगा तो वह 'बहुत वास्तविक और बहुत ही नकारात्मक परिणामों' का सामना करने के लिए तैयार रहे। 

अमेरिका की चेतावनी के आगे नहीं झुका तुर्की, रूस से पहुंची S-400 मिसाइल की पहली खेप

अमेरिका बार-बार यह कहता रहा है कि रूस की मिसाइल प्रणाली नाटो सिस्टम के लिए संगत नहीं है और एफ-35 लड़ाकू विमानों के लिए खतरा है।  

तुर्की के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी कि रूस की एस-400 मिसाइलों की पहली खेप तुर्की पहुंच चुकी है।


मंत्रालय ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि उन्नत वायु रक्षा प्रणालियों के उपकरणों का पहला समूह राजधानी अंकारा के बाहर मर्टेड एयरबेस तक पहुंचाया गया था।

तुर्की ने एस -400 शिपमेंट को रद्द करने के बजाय अमेरिकी पैट्रियट बैटरी खरीदने के लिए अमेरिकी अल्टीमेटम को बार-बार खारिज कर दिया।


दिसंबर 2017 में रूस और तुर्की ने S-400 वायु रक्षा प्रणालियों की डिलीवरी के लिए एक ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए।

तुर्की ने आखिरकार दबाव के आगे घुटने नहीं टेके। तुर्की को रूस से एस-400 वायुरक्षा मिसाइल प्रणाली  की पहली खेप मिल गई है। रूस ने शुक्रवार को इस बात की पुष्टि की है।

अमेरिका की ओर से यह भी कहा गया था कि नाटो देश तुर्की को हाईटेक एफ-35 लड़ाकू जेट विमानों के निर्माण कार्यक्रम में भी शामिल नहीं किया जाएगा।