बंदियों की वैन में जितने सिपाही ड्यूटी पर होने चाहिए थे? क्या उतने सिपाही थे? यह सवाल अब पुलिस की जांच का विषय है।


कहा यह जा रहा है कि जितने सिपाहियों की तैनाती बंदियों की वैन के लिए की गई थी। वे सब नहीं थे। हकीकत क्या है। इसकी जांच होगी।

पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद के मुताबिक कुछ कैदियों को लेकर मुरादाबाद जा रही एक वैन को अज्ञात बदमाशों ने बनियाठेर इलाके में जबरन रोक लिया और सुरक्षा में तैनात सिपाहियों हरेन्द्र और बृजपाल को गोली मार दी।


इस वारदात में दोनों सिपाहियों की मौत हो गयी। 

उत्तर प्रदेश के सम्भल जिले में बुधवार को कैदियों ने दो पुलिसकर्मियों की गोली मारकर हत्या की और फरार हो गए। 


इस दौरान यूपी का अमानवीय चेहरा देखने को मिला। जिन पुलिसकर्मियों की इस वारदात में हत्या हुई है, उनके शव को अस्पताल तक सब्जी ढोने वाले टेम्पो में ले जाया गया है।  

बदमाशों ने कैदियों से भरी पुलिस वैन पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। ये सबकुछ इतनी जल्दी में हुआ कि पुलिस वैन पर तैनात सुरक्षाकर्मी कुछ समझ भी नहीं पाए।


हमले में 2 पुलिसकर्मियों को गोली लग गई और  बेखौफ बदमाश इसी बीच तीन कैदियों को वैन से निकालकर साथ ले गए।  

शर्मनाक-संभल में पुलिसकर्मियों का क़त्ल हुआ, शव एंबुलेंस से नहीं, टेम्पो से अस्पताल ले गए

यह जानकारी भी सामने आई है कि जिस पुलिस वैन में यह हादसा हुआ है, उसकी हालत बहुत खराब थी और उसे धक्का देकर स्टार्ट करना पड़ता है।