खंकर उम्मीद करतीं हैं कि “संरचनाओं को चुनौती देना” बहस, वार्तालाप, और इस्लाम के बीच बाधाओं को कम करने के लिए एक अलग पहलू पर काफी मदद मिली, और दूसरा जिसकी ओर थोड़ा आधुनिक पहलू है, जिस पर युवा उपासक संबंधित हो सकते हैं और समझ सकते हैं।


खंकन को धर्म के भीतर सद्भाव पैदा करने के लिए अपने विश्वास के पारंपरिक और समकालीन भिन्नताओं दोनों के बीच विभाजन और बाधाओं को “शांत” करने की उम्मीद है।

जामिया के मीडिया संयोजक अहमद अजीम ने कहा कि सूबिया होनहार छात्र हैं। वह पहले भी स्कूल और स्कूल से बाहर विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों में पुरस्कार जीत चुकी हैं।


गौरतलब है कि कैनेडी-लूगर यूथ एक्सचेंज एंड स्टडीज स्कॉलरशिप अक्टूबर वर्ष 2002 में शुरू की गई थी।

सूबिया जामिया सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा हैं और उन्होंने इसी वर्ष दसवीं बोर्ड की परीक्षा दी है। सूबिया ने अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा प्रायोजित कैनेडी-लूगर यूथ एक्सचेंज एंड स्टडीज स्कॉलरशिप हासिल की है।

जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में इलेक्ट्रीशियन के तौर पर काम कर रहे कलीमुद्दीन की बेटी सूबिया परवीन की प्रतिभा को अमेरिका ने सलाम किया है।


उन्हें दस महीने के शिक्षा प्रोग्राम के तहत 28 हजार डॉलर यानी करीब 19 लाख 38 हजार रुपये की छात्रवृत्ति मिली है।

मुबारकबाद सूबिया परवीन-इलेक्ट्रीशियन की बेटी को मिली 20 लाख की स्कॉलरशिप

कलीमुद्दीन बेटी की उपलब्धि से बेहद खुश हैं। वह कहते हैं कि उनकी बेटी काफी लगन से पढ़ाई करती है।


सूबिया ने बताया कि उनका सपना है कि वह वैज्ञानिक बनें। जामिया के रजिस्ट्रार एपी सिद्दीकी ने कहा कि हमें सूबिया पर गर्व है।