57 सदस्यीय इस्लामिक समूह की बैठक में स्वराज ने कहा, ‘‘जैसे की इस्लाम का मतलब अमन है और अल्लाह के 99 नामों में से किसी का मतलब हिंसा नहीं है। इसी तरह दुनिया के सभी धर्म शांति, करुणा और भाईचारे का संदेश देते हैं।’’ 


अल्लाह का मतलब शांति है। आतंक को संरक्षण और पनाह देने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। आतंकी संगठनों को की जा रही फंडिंग रुकनी चाहिए। इस्लाम शांति सिखाता है।

भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का मुस्लिम देशों के संगठन ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक को-ऑपरेशन (OIC) में अपना संबोधन दिया।


पहली बार इस संगठन की तरफ से भारत को आमंत्रित किया गया है और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को गेस्ट ऑफ ऑनर के तौर पर बुलाया गया है।

मुस्लिम देशों के संगठन में सुषमा स्वराज-अल्लाह के 99 नामों में किसी नाम का अर्थ हिंसा नहीं

सुषमा स्वराज ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि OIC के मंच पर आना उनके लिए बहुत बड़ा सम्मान है,

उन्होंने कहा कि वह इस मंच पर एक ऐसे देश का प्रतिनिधित्व कर रही हैं जो ज्ञान का भंडार, शांति का संदेश देने वाला तथा कई धर्मों का घर होने के साथ एक बड़ी अर्थव्यवस्था भी है।

स्वराज ने कहा कि भारत में हर धर्म के लोग रहते हैं। भारत में हर धर्म और संस्कृति का सम्मान होता है। यह न्योता भारत के लिए सम्मान है।


2019 खास वर्ष रहा है। इस साल भारत महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मना रहा है। मैं महात्मा गांधी की भूमि से हूं। जहां हर प्रार्थना ‘शांति’ के लिए होती है, जो सभी के लिए शांति है।

खास बात ये है कि इसका संस्थापक सदस्य पाकिस्तान ही इसमें हिस्सा नहीं ले रहा।


भारत को मेहमान के तौर पर आमंत्रित किए जाने के विरोध में पाकिस्तान ने सम्मेलन का बहिष्कार कर दिया है।

भारत के लिए इसे बड़ी जीत माना जा रहा है और इससे अरब देशों के साथ उसके संबंधों में और मजबूती आएगी।