झारखंड में 'मॉब लिंचिंग' पीट-पीट कर लगवाए ‘जय श्री राम’ के नारे,तबरेज अंसारी की मौत

झारखंड सरकार ने एक बयान में कहा है कि पुलिस अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए इसके बारे में उच्च अधिकारियों को सूचित नहीं किया और घटना के दिन ही भीड़ के हमले का केस दर्ज नहीं किया।  

इस घटना पर देश भर में नाराजगी उभरने के बाद पुलिस ने अपनी खामी स्वीकार की और इसकी जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है।


दो पुलिस अधिकारियों चंद्रमोहन ओरांव और बिपिन बिहारी को सस्पेंड कर दिया गया गया है। 

इस बीच तबरेज़ अंसारी की पिटाई के दो वीडियो वायरल हो रहे हैं। इनमें ग्रामीणों का समूह उन्हें पोल से बाँधकर पीट रहा है। उससे नाम पूछे जाने के बाद उससे जय श्री राम और जय हनुमान के नारे लगवाए जा रहे हैं।

झारखंड के कोल्हान प्रमंडल क्षेत्र में कथित चोरी के आरोप में की गई पिटाई के बाद 24 साल के तबरेज़ अंसारी ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।


भीड़ ने तबरेज अंसारी को खंभे से बांधकर कई घंटों तक पीटा और 'जय श्रीराम' का नारा लगवाया, उस पर मोटरसाइकिल चोरी करने का आरोप लगाया।  

तबरेज के परिवार का आरोप है कि तबरेज के विनती करने के बावजूद पुलिस ने उसका पर्याप्त उपचार नहीं कराया और परिवार को उससे मिलने भी नहीं दिया गया था।  

तबरेज के पत्नी शाइस्ता परवीन ने पुलिस को अपनी शिकातय में कहा है कि 17 जून को उसके पति जमशेदपुर जा रहे थे, उसी दौरान धातकीडीह गांव में पप्पू मंडल और उनके लोगों ने उनके साथ मारपीट की।


तबरेज के पत्नी का कहना है कि उनलोगों ने रात भर उनके पति को बिजली के खंंभे में बांधकर रखा गया। इस दौरान उनसे जबरन जय श्री राम और जय हनुमान का नारा भी लगवाया गया।